मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा-कांग्रेसी मुझे हटाने का सपना देख रहे हैं जो कभी पूरा नहीं होगा...
रीवा. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार को रीवा में जनआशीर्वाद यात्रा के दौरान कहा कि कांग्रेसी उनको सत्ता से हटाने का सपना देख रहे हैं, जो कभी पूरा नहीं होने वाला है। उन्होंने अपनी त्योंथर, सिरमौर, सेमरिया, बसामन मामा एवं ढेकहा की सभाओं में उपलब्धियों पर ही बात की। इस दौरान गरीबों को यह सपना जरूर दिखाया कि 2022 तक सभी को पक्के मकान मिल जाएंगे। संबल योजना को सभी के लिए हितकर बताया।
त्योंथर में सभा को संबोधित करने के बाद पत्नी साधना सिंह के साथ दोपहर 1.45 बजे हैलीकॉप्टर से सिरमौर पहुंचे। यहां पर सीएम 31 मिनट तक सरकार की उपलब्धियां गिनाई। संबोधित करने के बाद 2.45 रथ पर सवार हो गए। मुख्यमंत्री का रथ 2.45 बजे सिरमौर से सेमरिया की ओर बढ़ा। कुछ दूर चलने के बाद 2.55 बजे बेरौला पहुंचे। सीएम का रथ नहर के पास से चचाई चौकी की ओर मुड़ा। चचाई गांव में 3.25 बजे कार्यकर्ताओं को रथ से ही संबोधित किया।
सिरमौर से रीवा तक 28 नुक्कड़ सभाएं
सिरमौर से यात्रा सेमरिया पहुंचीं। सीएम ने इस बीच छह सभाओं को रथ से संबोधित किया। नुक्कड़ सभाओं में संबल और आवास योजना की बखान की। सीएम बसामन मामा में संजय द्विवेदी को रथ पर चढ़ा लिए। यहां पर करीब दस मिनट तक सभा संबोधित किया। हरदुआ में ग्रामीणों ने किया स्वागत। सेमरिया में बड़ी सभा की। 40 मिनट से अधिक संबोधित किया। सेमरिया से रीवा के बीच मरहा, दादर,बनकुंइया, सोनौरा, बकिया, विड़वा में संबोधित किया। इसके बाद मैदानी में पांच अलग-अलग जगहों पर नुक्कड़ सभी में रथ रुका। मैदानी से लेकर ढेकहा वाया झिरिया पुल तक 13 जगहों पर छोटे-छोटे सभाएं थी। कुल मिलाकर 28 नुक्कड़ सभाओं में आशीर्वाद लिया। इसके अलावा जगह-जगह महिलाएं कलश लेकर स्वागत किया।
सेमरिया में सीएम को भेंट किया हल का प्रतीक
सेमरिया में कार्यकर्ताओं ने सीएम शिवराज सिंह चौहान, मंत्री राजेन्द्र शुक्ल, सांसद जर्नादन मिश्र को कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष विद्या प्रकाश की अगुवाई में माला पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान डॉ अजय सिंह ने मुख्यमंत्री को हल का प्रतीक भेंट किया।
मंत्री-सांसद को बोलने का नहीं मिला मौका
जनआशीर्वाद यात्रा के दौरान सिरमौर, सेमरिया से लेकर ढेकहा तक सभा और नुक्कड़ सभाओं के दौरान मंत्री राजेन्द्र शुक्ल, मंत्री सांसद सहित अन्य नेताओं को बोलने का मौका नहीं दिया।