
रीवा. संविलियन की प्रक्रिया के तहत अध्यापकों की राज्य शिक्षा सेवा संवर्ग में नियुक्ति आचार संहिता लागू होने के साथ ही विधानसभा चुनाव तक के लिए अधर में लटक गई है। शासन स्तर से अधिकतम पांच अक्टूबर तक नियुक्ति आदेश जारी किए जाने का निर्देश रहा है, लेकिन आयुक्त लोक शिक्षण भोपाल व सीइओ जिला पंचायत के पास भेजी गई अध्यापकों की सूची पुनर्परीक्षण के फेर में फंस गई।
शासन के निर्देशों के अनुरूप नियुक्ति आदेश जारी करने के बावत ३५० वरिष्ठ अध्यापकों की सूची आयुक्त लोक शिक्षण भोपाल की भेजी गई। सूत्रों की माने तो वहां नियुक्ति आदेश जारी करने की बजाय सूची में शामिल वरिष्ठ अध्यापकों के दस्तावेजों का पुनर्परीक्षण शुरू कर दिया गया। कुछ ऐसा ही हाल सहायक अध्यापक व अध्यापकों का है।
सूची अनुमोदन के लिए जिला पंचायत में मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पास पहुंची है, लेकिन वहां भी पुनर्परीक्षण का कार्य शुरू कर दिया गया है। गौरतलब है कि वरिष्ठ अध्यापकों की नियुक्ति आयुक्त लोक शिक्षण को करना है। जबकि अध्यापकों की संभागीय लोक शिक्षण कार्यालय के संयुक्त संचालक को और सहायक अध्यापकों की नियुक्ति जिला शिक्षा अधिकारी को करना है।
प्रक्रिया रहेगी जारी, आदेश चुनाव बाद
नियुक्ति के संबंध में वैसे शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि उनकी ओर से शासन से मार्गदर्शन मांगा गया है, लेकिन कार्यालय सूत्रों की माने तो आदेश अब चुनाव के बाद नियुक्ति का आदेश जारी होगा। इस बीज पुनर्परीक्षण सहित अन्य प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। गौरतलब है कि नियुक्ति के बाद अब तक की निर्धारित सूची में 350 वरिष्ठ अध्यापक, 1600 अध्यापक व 5497 सहायक अध्यापक शामिल हैं। इसके अलावा 110 लंबित और तीन पात्र की सूची में शामिल बताए जा रहे हैं।