
रीवा. सरकार ने रीवा जिले के प्रशासनिक अफसरों की सर्जरी कर दी। शासन ने तीन दिन के भीतर कमिश्नर, कलेक्टर और प्रभारी निगमायुक्त की तिकड़ी को तोड़ दिया। पहले कलेक्टर बसंत कुर्रे और फिर निगमायुक्त प्रभारी एवं जिला पंचायत सीइओ अर्पित वर्मा के बाद देररात संभागायुक्त डॉ अशोक कुमार भार्गव को भोपाल बुला लिया। जिले में तीन अफसरों की त्रिकड़ी प्रसिद्ध थी।
कमिश्नर बनाए गए सचिव
सामान्य प्रशासन विभाग ने कमिश्नर राजस्व डॉ. अशोक कुमार भार्गव को लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग का सचिव बनाया है। जबकि जिला पंचायत सीइओ अर्पित वर्मा को शहडोल अपर कलेक्टर की जिम्मेदारी दी है। कमिश्नर संभाग में अब तक एक साल के भीतर ही स्क्रॉच, दिव्यांगों के मतदान सहित कई अन्य पुरस्कार भी दिलाए।
कांग्रेस नेताओं के संपर्क में थे कमिश्नर
सरकार ने पीएस स्वास्थ्य के निरीक्षण के लौटने के बाद अचानक नगर निगम प्रभारी एवं सीइओ अर्पित वर्मा, फिर कश्मिनर डॉ. अशोक कुमार भागर्व को भोपाल बुला लिया गया। जिले में चर्चा रही कि कश्मिनर कांग्रेस नेताओं के संपर्क थे। स्थानीय नेताओं से तालमेल ठीक नहीं हो रहा था। जिससे सरकार ने तिकड़ी को तितर वितर कर दिया।