
रीवा। नगरीय निकाय चुनाव में बगावत करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कांग्रेस पार्टी ने दस नेताओं को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है। सभी को छह वर्ष के लिए पार्टी से बाहर निकाला गया हैे। नगर निगम रीवा के चुनाव में भाजपा से 22 और कांग्रेस से दर्जनभर नेताओं ने टिकट नहीं मिलने पर वार्डों में नामांकन जमाा कर रखा है। इन बागियों की वजह से पार्टी को नुकसान पहुंचने की आशंका को देखते हुए कांग्रेस ने भाजपा से पहले अपने यहां कार्रवाई कर दी है। एक दिन पहले ही कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता रहे बृजेश पाण्डेय को भी पार्टी विरोधी गतिविधियों की वजह से निष्कासित किया गया था। रीवा प्रवास पर आए पीसीसी चीफ कमलनाथ का स्वागत करने बृजेश हवाई पट्टी में पहुंचे थे। कुछ देर के बाद उन पर कार्रवाई का पत्र वायरल हुआ तो बृृजेश पाण्डेय सीधे भाजपा कार्यालय पहुंच गए। रीवा आए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात करने के बाद उन्होंने पार्टी की सदस्यता ले ली। कांग्रेस पार्टी ने इस बार संकेत दिया है कि पूर्व की तरह अनुशासनहीनता पर माफी नहीं मिलेगी बल्कि सीधे तौर पर त्वरित कार्रवाई होगी। बताया जा रहा है कि अभी और कई नाम चिन्हित किए गए हैं, जिन पर कार्रवाई का अनुमान है।
इन नेताओं पर हुई कार्रवाई
पीसीसी ने जिन नेताओं को छह वर्ष के लिए पार्टी से बाहर निकाला है उसमें प्रमुख रूप से सुलभ पाण्डेय, ओमप्रकाश मिश्रा, रोहणी कुशवाहा, श्यामबाबू लोनिया, लक्ष्मण यादव, राजकुमार शर्राफ, अशोक कटारिया, शहफूज खान, माजिद खान, गुल मोहम्मद आदि शामिल हैं। इसमें कई अलग-अलग प्रकोष्ठ के पदाधिकारी भी हैं। वहीं अल्पसंख्यक कांग्रेस के जिला अध्यक्ष रफीक अंसारी ने भी टिकट नहीं मिलने के चलते अपना स्तीफा संभागीय संगठन प्रभारी प्रतापभानु शर्मा को सौंप दिया है।