
भाजपा की झोली में 30 में से 25 सीटें देने वाले विंध्य को पार्टी नेतृत्व ने ब्राह्मण चेहरे राजेंद्र शुक्ल के जरिए साधा है। रीवा से पांच बार विधायक रहे शुक्ल उप मुख्यमंत्री बने। विंध्य के लिए यह पहला मौका है। शुक्ल 2003 में पहली बार विधायक चुने गए थे। तब से लगातार जीते। शुक्ल को बड़ी जिम्मेदारी मिलने के पीछे विंध्य क्षेत्र को साधने का संदेश है। कुछ चुनावों से विंध्य भाजपा का गढ़ बन चुका है। पिछले चुनाव में भाजपा सत्ता से दूर हुई, तब विंध्य में एकतरफा जीती। इस बार भी यही हुआ।
विंध्य में सबसे अधिक ब्राह्मणों का समर्थन भाजपा को मिला। इसलिए भी यहां से उप-मुख्यमंत्री बनाए गए। शिवराज के करीबी होने से केंद्रीय नेतृत्व की भी पसंद रहने का फायदा मिला है।
रीवा में दिवाली जैसा जश्न
विधायक राजेंद्र शुक्ला को उप-मुख्यमंत्री बनाने की खबर से रीवा में जश्न मना। शुक्ला के अमहिया स्थित आवास पर कार्यकर्ता और समर्थक जुटे और मिठाइयां बांटीं। आतिशबाजी की। डीजे और बैंड की धुन पर कार्यकर्ता देर रात तक जश्न मनाने में डूबे रहे।
छात्र जीवन से राजनीति