जमीन को लेकर बनी विवाद की स्थिति, नगर परिषद अध्यक्ष ने शांत कराया मामला
गुढ़. नगर परिषद गुढ़ के वार्ड-14 में रहने वाले आदिवासी के निधन के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए परेशान होते रहे। श्मशान के लिए आरक्षित जमीन पर कब्जा हो जाने के चलते शव लेकर वह एक निजी आराजी पर पहुंच गए और अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगे। इसे लेकर यहां विवाद की स्थिति बन गई। हालांकि, चार घंटे की मशक्कत के बाद नगर परिषद अध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह की सूझबूझ से मामले को शांत कराया गया। अध्यक्ष ने प्रशासनिक अधिकारियों के रवैए पर नाराजगी जाहिर की और चेतावनी दी है कि दस दिन के अंदर आदिवासियों के लिए मुक्तिधाम की जमीन चिह्नित करें।
रविवार को एक आदिवासी का निधन हो गया था। जिससे समाज के लोग शव लेकर वार्ड 14 मुख्य मार्ग पर स्थित संजय कुमार गुप्ता के निजी जमीन पर पहुंच गए। वहां पर बाउन्ड्री को तोडकऱ बोई हुई फसल नष्ट करते हुए जबरन अंतिम संस्कार किया गया। जबकि, उक्त घटना की शिकायत पुलिस को अंतिम संस्कार करने के पूर्व दे दी गई थी। लेकिन पुलिस ने सक्रियता नहीं बरती और विवाद बढ़ गया। इसकी जानकारी मिलते ही नायब तहसीलदार तेजपति सिंह, थाना प्रभारी प्रवीण उपाध्याय, पटवारी संदीप कुमार शुक्ला, पटवारी गुढवा आशीष शुक्ला, बीएमओ डॉ. कल्याण सिंह सहित नगर परिषद अध्यक्ष भी मौके पर पहुंची। जहां नगर परिषद द्वारा पूर्व में मुक्तिधाम के लिए दिए गए प्रस्ताव पर अभी स्थल की खोज नहीं किए जाने पर अधिकारियों के साथ अध्यक्ष की तीखी बहस हो गई। वार्ड पार्षद जगदीश गौटिया व विमला रावत ने नाराजगी जाहिर की। हालांकि अधिकारियों द्वारा भूमिस्वामी से आग्रहकर मामले को फिलहाल शांत करा दिया गया है।