
रीवा. मध्यप्रदेश में करीब दो साल बाद शिक्षा व्यवस्था पटरी पर लौटी है, सोमवार से फिर स्कूल और कॉलेज 100 फीसदी क्षमता के साथ खुले, जिससे प्रदेश के स्कूलों में लंबे समय बाद रौनक नजर आई। कोरोना के केस लगातार कम होने से परिजन भी बच्चों को स्कूल भेजने में अब किसी प्रकार का संकोच नहीं कर रहे हैं।
कोरोना महामारी के प्रभावी नियंत्रण के बाद प्रदेश सरकार ने कोविड गाइड लाइन के तहत स्कूल कालेजों पर लगाए गए सभी प्रतिबंध भी हटा लिए हैं। सरकार के इस निर्णय से दो साल से बेपटरी जिले की शिक्षा व्यवस्था पटरी पर लौटने की उम्मीद है। स्कूल कॉलेजों में क्लास लगाने को लेकर सभी प्रतिबंध हटने से दो साल बाद आज से सभी शैक्षणिक संस्थाए फुल फोर्स के साथ खुल गई। कक्षा एक से 12 वीं तक के सभी छात्र क्लास में बैठकर अब फिर से पढ़ाई करने लगे हंै।
जानकारी के अनुसार स्कूल शिक्षा विभाग ने 14 फरवरी से सभी प्राइमरी से लेकर 12 वीं तक के सभी स्कूलों में नियमित क्लास संचालित करने के आदेश जारी किए हैं। गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण रोकने अभी तक जिले की सभी शैक्षणिक संस्थाए आधी क्षमता के साथ खुल रही थी। लेकिन सोमवार से सभी विद्यालय 100 फीसदी क्षमता के साथ खुल गए हैं, इसी के साथ ऑनलाइन क्लासेस भी थम चुकी है।
मास्क अभी भी अनिवार्य:
कोरोना की तीसरी लहर कमजोर पडऩे के साथ ही प्रशासन ने कोरोना को लेकर जारी किए गए सभी प्रतिबंध हटा दिए हैं। इससे सभी संस्थाएं फुल फोर्स के साथ खुल चुकी हैं, लेकिन सभी संस्थाओं को मास्क एवं सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का अभी भी पालन करना होगा। शैक्षणिक संस्थाओं में कोई भी छात्र बिना मास्क के प्रवेश नहीं कर पाएगा।