रीवा

मास्टर साहब की लगी कक्षा, बताया गया पढ़ाने का तरीका, शिक्षा अधिकारी भी पहुंचे

सरस्वती स्कूल में ब्रिज कोर्स प्रशिक्षण...
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Updated: 9 Aug 2018, 6:04 PM IST
Appointment in the School Education Department
Appointment in the School Education Department

रीवा। ब्रिज कोर्स संचालन के बावत प्रशिक्षण से वंचित रह गए शिक्षको के लिए बुधवार को दोबारा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। सरस्वती स्कूल में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन जिला शिक्षा अधिकारी अंजनी कुमार त्रिपाठी ने किया। उन्होंने शिक्षकों को प्रशिक्षण के आयोजन का उद्देश्य भी बताया।

डीइओ ने दी शिक्षकों को समझाइस
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के प्रभारी पीएल मिश्रा के निर्देशन में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन करने के बाद डीइओ ने शिक्षकों को ब्रिज कोर्स से संबंधित आवश्यक जानकारी से अवगत कराया। इसके बाद विशेषज्ञ के रूप में चयनित व्याख्याता बीडी त्रिपाठी व चंद्रकांत तिवारी ने शिक्षकों को पढ़ाने का तरीका बताया।

Ajit Shukla IMAGE CREDIT: Patrika

कॉपी पर अभिभावकों को लेना होगा हस्ताक्षर
शिक्षकों को सबसे पहले यह जानकारी दी गई कि सभी छात्रों के बेसलाइन टेस्ट की कॉपी पर अभिभावकों का हस्ताक्षर लेना होगा। अभिभावकों को इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि उनके बच्चों की पढ़ाई किस स्तर की है। इसके बाद शिक्षकों को बताया गया कि कक्षा नवीं में प्रवेशित छात्रों को दो समूहों में विभाजित कर ब्रिज कोर्स का संचालन करना है। अगस्त महीने में ब्रिज कोर्स पूरा किया जाना है।

ब्रिज कोर्स पर आधारित होगी त्रैमासिक परीक्षा
ब्रिज कोर्स की समाप्ति के बाद त्रैमासिक परीक्षा के प्रश्नपत्र में 80 फीसदी प्रश्न ब्रिज कोर्स से संबंधित होने चाहिए। त्रैमासिक परीक्षा परिणाम के आधार पर यह तय करना होगा कि छात्रों को फिर से ब्रिज कोर्स की जरूरत है या नहीं। जरूरत की स्थिति में संबंधित छात्रों के लिए दोबारा ब्रिज कोर्स या फिर विशेष कक्षाएं संचालित की जाएंगी।

शिक्षकों के लिए तीन दिन का प्रशिक्षण
शिक्षकों के लिए ब्रिज कोर्स का यह प्रशिक्षण तीन दिवसीय है। प्रशिक्षण में अलग-अलग विषयों के विशेषज्ञ शिक्षकों को ब्रिज कोर्स में पढ़ाने की तरीका बता रहे हैं। बुधवार को पहले दिन हिन्दी का व दूसरे दिन अंग्रेजी का प्रशिक्षण दिया गया। तीसरे दिन शुक्रवार को गणित विषय का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण देने के लिए आधा दर्जन विशेष प्रशिक्षण में उपस्थित रहे हैं।

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