
रीवा। शहर के समान थाना क्षेत्र स्थित बाल संप्रेक्षण बंदी गृह में रह रहे आधा दर्जन से अधिक बाल अपचारी बुधवार सुबह छत से कूदकर फरार हो गए। घटना की सूचना पर पुलिस ने तत्काल नाकाबंदी करवाई, लेकिन किसी का भी सुराग नहीं लग पाया। फरार हुए बाल अपचारियों में तीन सिंगरौली, दो रीवा, एक-एक भोपाल और शहडोल जिले का है। सभी लंबे समय से गंभीर अपराधों में बाल संप्रेक्षण बंदी गृह में थे।
अधीक्षक ने पुलिस को बताया कि सुबह साढ़े 8 बजे के करीब सुरक्षा कर्मचारियों का चकमा देकर सभी छत पर पहुंचे और पीछे तरफ कूद गए। स्थानीय लोगों ने देखा तो शोर मचाया लेकिन जब तक सुरक्षाकर्मी पहुंचे सभी भाग चुके थे। फरार हुए 8 बाल अपचारियों में से दो बालिग हो चुके थे, उन्हें जेल भेजने की तैयारी चल रही थी। पुलिस ने मौका मुआयना कर सभी की डिटेल लेकर उनके गृह जिलों सहित अन्य थानों को सूचित किया है।
हत्या व चोरी सहित संगीन मामलों में बंद थे नाबालिग
फरार नाबालिग गंभीर मामलों में बंद थे। इनमें से एक के ऊपर हत्या का मामला दर्ज था। इसके अलावा अन्य के खिलाफ चोरी, मारपीट व लूट सहित कई धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध थे। भोपाल का एक नाबालिग चार दिन पूर्व रीवा के समान थाना क्षेत्र से कार चोरी कर फरार हो गया था। पुलिस ने उसे भोपाल के रास्ते में रोकने का प्रयास किया तो बैरिकेड्स तोडक़र भाग गया था। बाद में उसे घेराबंदी कर पकड़ा था।
पूर्व में भी फरार हो चुके हैं बच्चे
बाल संप्रेक्षण बंदी गृह की लचर व्यवस्था का फायदा उठाकर नाबालिग बच्चे इससे पूर्व भी फरार हो चुके हैं। पिछले साल अगस्त में यहां से एक साथ पांच बच्चे फरार हो गए थे। दूसरे दिन पुलिस ने सोहागी के रायपुर सोनौरी चौकी क्षेत्र में पकड़ा था। एक बच्चा डर के कारण टमस नदी में कूद गया था। बाल संंप्रेक्षण बंदी गृह की हर घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के दावे किए जाते हैं लेकिन सबकुछ पुराने ढर्रे पर ही चलता है।
बाल संप्रेक्षण बंदी गृह से 8 बच्चे छत से कूदकर फरार हुए हैं। सूचना मिलते ही नाकाबंदी करवा दी गई है। बच्चों के गृह जिले में भी सूचना भिजवाई है। अब तक उनका पता नहीं चल पाया है। जल्द बच्चों को दस्तयाब कर वापस बाल संप्रेक्षण बंदी गृह लाने का प्रयास किया जा रहा है।
जेपी पटेल, थाना प्रभारी समान