रीवा

अतिथि विद्वानों के मानदेय में बढ़ोत्तरी से एपीएस पर बढ़ेगा करोड़ों का अतिरिक्त भार

मांग नहीं मानने के पीछे यही है मुख्य वजह...

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Jul 08, 2018
Extra financial burden on APSU after increment in pay of guest faculty

रीवा। अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय पर अतिथि विद्वानों के मानदेय में बढ़ोत्तरी से दो करोड़ रुपए से अधिक का अतिरिक्त भार पड़ेगा। मानदेय से संबंधित मांग को लेकर विश्वविद्यालय अधिकारियों की ओर से की जा रही आनाकानी की मुख्य वजह यही है। फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन ने जहां इस मुद्दे को कार्यपरिषद में ले जाने का निर्णय लिया है। वहीं दूसरी ओर अतिथि विद्वानों ने कार्यपरिषद की बैठक होने तक एक घंटे का हर रोज सांकेतिक प्रदर्शन का निर्णय लिया है।

मिलता रहा है 275 रुपए प्रति कालखंड
विश्वविद्यालय प्रशासन अब तक अतिथि विद्वानों को २७५ रुपए प्रति कालखंड (पीरियड) की दर से मानदेय का भुगतान करता रहा है। इस दर से अतिथि विद्वानों को अधिकतम 20 हजार रुपए का मानदेय प्राप्त होता रहा है। लेकिन अब तक अतिथि विद्वान न्यूनतम 30 हजार रुपए के मानदेय की मांग की जा रही है। इसके लिए उनकी ओर से उच्च शिक्षा विभाग से जारी आदेश का हवाला दिया जा रहा है। तर्क है कि जब विश्वविद्यालय पहले विभाग की ओर से जारी आदेश के तहत अतिथि विद्वानों को भुगतान करता रहा है तो अब क्यों नहीं।

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आय में बढ़ोत्तरी की संभावना नहीं
अतिथि विद्वानों के मानदेय में अब तक विश्वविद्यालय प्रशासन पर करीब 3.30 करोड़ रुपए वार्षिक का खर्च आता रहा है। लेकिन मानदेय में बढ़ोत्तरी करने पर यह खर्च 5.40 करोड़ रुपए प्रति वर्ष का हो जाएगा। इस तरह से विश्वविद्यालय पर प्रति वर्ष दो करोड़ रुपए अतिरिक्त व्यय आएगा। जबकि आय में बढ़ोत्तरी की संभावना नहीं के बराबर है।

प्रशासनिक भवन में दिया सांकेतिक धरना
इधर निर्णय के मुताबिक अतिथि विद्वानों ने प्रशासनिक भवन के मुख्य द्वार पर सांकेतिक धरना देकर मानदेय में बढ़ोत्तरी की मांग की। अतिथि विद्वानों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कार्यपरिषद की बैठक बुलाए जाने तक उनका सांकेतिक धरना जारी रहेगा। अतिथि विद्वानों ने शाम चार बजे से पांच बजे तक धरना दिया। सांकेतिक धरना में डॉ. विजय मिश्रा, डॉ. अनुराग मिश्रा, डॉ. शेर सिंह, डॉ. एसपी सिंह, डॉ. कमलेश मिश्रा, योगेंद्र तिवारी, डॉ. आनंद सिंह, डॉ. नीती मिश्रा, डॉ. ऊषा तिवारी सहित अन्य अतिथि विद्वान शामिल रहे।

अब तक मानदेय का खर्च
150 अतिथि विद्वानों की संख्या यूटीडी में
20 हजार रुपए मानदेय हर माह प्रति अतिथि विद्वान
30 लाख रुपए हर महीने मानदेय पर होने वाला खर्च
11 महीने तक अतिथि विद्वानों को होता रहा है भुगतान
3.3 करोड़ रुपए एक शैक्षणिक सत्र का मानदेय पर खर्च

बढ़ोत्तरी के बाद मानदेय पर संभावित खर्च
150 अतिथि विद्वानों की संख्या यूटीडी में
30 हजार रुपए मानदेय हर माह प्रति अतिथि विद्वान
45 लाख रुपए हर महीने मानदेय पर होने वाला खर्च
12 महीने तक अतिथि विद्वानों को होता रहा है भुगतान
5.4 करोड़ रुपए एक शैक्षणिक सत्र का मानदेय पर खर्च

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