
रीवा। किसानों की फसलों का लाभकारी दाम देने की सिफारिश को लागू कर बिचौलियों की चल रही लूट को रोकने सरकार को ठोस व पारदर्शी कदम उठाना होगा। जल्द ही इसको लेकर कोई घोषणा नहीं की गई तो यहां के किसान भी सडक़ पर उतर कर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। कृषि उपज मंडी करहिया में आयोजित शोकसभा में विभिन्न किसान संगठनों के पदाधिकारियों ने सरकार को यह चेतावनी दी। साथ ही सभी एकजुटता का संकल्प लिया।
शोकसभा में अर्पित किया श्रद्धासुमन
मंडी में विभिन्न किसान संगठनों के पदाधिकारी मंदसौर गोली कांड के बरसी के मद्देनजर आयोजित शोकसभा में उपस्थित हुए। मप्र. किसान सभा के आह्वान पर आयोजित शोक सभा में सबसे पहले दिवंगत किसानों को श्रद्धासुमन अर्पित किया गया। उसके बाद पदाधिकारियों ने किसानों की समस्याओं का मुद्दा उठाया। साथ ही सभी ने एक सुर में कहा कि किसान संगठनों को एकजुट होकर समस्याओं पर आवाज उठाना होगा।
कई किसान समस्याओं पर की गई चर्चा
शोकसभा में किसान नेता भैयालाल त्रिपाठी, रविदत्त सिंह, अनिल सिंह व हर्षवर्धन तिवारी के नेतृत्व में आयोजित सभा में रोहित तिवारी, कुंवर सिंह, मास्टर बुद्धसेन पटेल, अमित सोहगौरा, शिव सिंह, वीरभद्र सिंह, इंद्रजीत सिंह, बद्री कुशवाहा, रामनरेश सिंह सहित अन्य किसानों ने समस्याओं पर विचार रखे। इन सभी ने किसानों का लाभ हड़पने की परंपरा को खत्म करने, उत्पादन लागत को कम करने, खेत में उपयोग होने वाले उर्वरक, कीटनाशक व बीज की कीमतों पर लगाम लगाने सहित अन्य मुद्दों को उठाया।
सैकड़ों की संख्या में उपस्थित रहे किसान
सभा में मिथलेश सिंह, तेजभान सिंह, रमाकांत सिंह, अविनाश सिंह, दिनकर सिंह, सचिन सिंह, पिंटू द्विवेदी, पवन त्रिपाठी, संतलाल प्रजापति, रत्नेश सिंह, संदीप यादव, छोटू यादव, पुष्पेंद्र आदिवासी, बबलू आदिवासी, इंद्रभान सिंह व मुनीम सहित अन्य किसान शामिल रहे। सभी ने एक सुर में कहा कि किसान संगठनों को एकजुट होकर समस्याओं पर आवाज उठाना होगा।