रीवा

रिश्वत लेते रंगे हाथ धराए महिला CEO और बाबू, अपने ही कर्मचारी से की थी 6500 रुपए की मांग

- महिला जनपद CEO और बाबू रिश्वत लेते गिरफ्तार- अपने ही विभाग के कर्मचारी से मांगी थी रिश्वत- मेडिकल लीव अप्रूव करने नाम पर मांगी थी रिश्वत- लोकायुक्त पुलिस ने घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा

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Dec 21, 2022
रिश्वत लेते रंगे हाथ धराए महिला CEO और बाबू, अपने ही कर्मचारी से की थी 6500 रुपए की मांग

मध्य प्रदेश की सरकार की सख्ती और लोकायुक्त पुलिस के लगातार एक्शन के बावजूद विभागों में रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। रिश्वतखोरी का नया मामला मध्य प्रदेश के रीवा जिले में सामने आया है। यहां लोकायुक्त पुलिस ने महिला जनपद सीईओ और बाबू को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। घूसखोर अफसरों के हौसले का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि, यहां जनपद सीईओ द्वारा अपने ही विभाग के कर्मचारी की मेडिकल लीव पास करने के एवज में रिश्वत की मांग कर रही थी।

आपको बता दें कि, रीवा के जनपद पंचायत कार्यालय में संजीव पांडेय परियोजना समन्वयक के पद पर पदस्थ हैं, वो पिछले कुछ महीनों से बीमार चल रहे थे। दो महीने पहले ही मुंबई में मेडिकल लीव पर अपने हर्निया का ऑपरेशन कराया था, जिसके बाद उनके द्वारा अपने ही कार्यालय में मेडिकल लीव और बिल पास नहीं किये जा रहे थे। वहीं, कार्यालय से उनकी दो महीने की सैलरी भी रोक दी गई थी।


ये है मामला

इसपर जब संदीवे पांडेय द्वारा विभाग से मेडिकल लीव अप्रूव करने और इलाज के बिल पास करने के संबंध में बात की गई तो जनपद पंचायत सीईओ विजय लक्ष्मी मरावी और उनके बाबू महेंद्र वर्मा ने उनसे रिश्वत की डिमांड रख दी। इसके बाद से वो लगातार रिश्वत की मांग कर रहे थे। इसपर संजीव पांडेय ने लोकायुक्त पुलिस में शिकायत की। आज लोकायुक्त एसपी गोपाल सिंह धाकड़ ने रिश्वत के मामले में ट्रैपिंग कार्रवाई की।


दोनों को लोकायुक्त कार्यालय लाई टीम

लोकायुक्त पुलिस द्वारा बुधवार को सीईओ विजय लक्ष्मी मरावी को 5 हजार रुपए और बाबू महेंद्र वर्मा को 15 सौ रूपए रिश्वत लेते रंगे हाथों जनपद पंचायत कार्यालय से गिरफ्तार किया है। अब आगे की कार्रवाई के लिए दोनों घूसखौरों को लोकायुक्त कार्यालय लाया गया है। लोकायुक्त ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

Published on:
21 Dec 2022 05:32 pm
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