
रीवा. SISF जवान को बंधक बनाकर उससे मारपीट मामले में पुलिस ने आठ रेजिडेंट्स व चार अन्य के खिलाफ FIR तो दर्ज कर लिया। लेकिन उसके बाद रेजीडेंट्स (जूनियर डॉक्टर) भड़क गए। उन्होंने हड़ताल पर जाने की धमकी दे डाली। हालांकि इस संबंध में पुलिस कप्तान ने संजय गांधी अस्पताल के डीन डॉ मनोज इंदुलकर सहित अन्य लोगों से बातचीत कर मामले को सुलझाने की बात कही है।
घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में जूनियर डॉक्टरों (रेजीडेंट्स) ने एसआइएसएफ जवान आकाश साहू की जमकर पिटाई कर दी। वह यहां कंपनी कमांडर का अटेंडर बनकर आया था। तबीयत खराब होने पर वह खुद का चेकअप करवाने डॉक्टरों के पास पहुंचा। जवान ने जल्दबाजी दिखाई तो डॉक्टर भड़क गए। उन्होंने अन्य जूनियर डॉक्टरों को बुलाकर उसकी पिटाई कर दी। इसके बाद जवान ने डायल 100 को कॉल किया तो रेजीडेंट्स ने मोबाइल भी छीन लिया। फिर लात-घूंसों और बेल्ट से जवान की जमकर पिटाई की। इसके बाद रेजीडेंट्स ने हड़ताल की भी धमकी दी।
बताया जा रहा है कि आकाश साहू एसआइएसएफ का जवान है। वह स्टेट औद्योगिक सुरक्षा बल भटलो में तैनात है। वह कंपनी कमांडर पीसी निहाल का इलाज कराने श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लाक में गुरुवार दोपहर आया था। वहां वह देर शाम सोचा कि खुद का भी चेकअप करवा लूं। वह निजी समस्या लेकर जूनियर डॉक्टरों के पास पहुंचा, जहां उसने चिकित्सकों को अपनी दिक्कत बताई। देरी होने पर उसने कंपनी कमांडर के साथ आने का हवाला दिया। इसके बाद अन्य वार्डों में तैनात करीब 12 से 15 डॉक्टरों को बुलाकर मारपीट शुरू कर दी। उसने फोन लगाने की कोशिश की, तो रेजीडेंट्स ने फोन जब्त कर उसे बंधक बना लिए। रात करीब 8 बजे के बाद अन्य वार्डों के लोगों ने डायल 100 और अमहिया पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत करवाया। देर रात तक मामले में कार्रवाई हो सकी।
इसके बाद पुलिस ने आकाश साहू से मारपीट करने और बंधक बनाने वाले रेजिडेंट्स पृथ्वीराज सिंह, डॉ रवि पाटिल, डॉ देवेश गुप्ता, डॉ शिव शक्ति, डॉ रजनीश मिश्रा, डॉक्टर अनिल चौहान, डॉक्टर अजय पाटीदार, डॉक्टर हृदेश दीक्षित और 4 अन्य के खिलाफ अमहिया थाने में एफआइआर दर्ज कर लिया।