शासन की गाइड लाइन के तहत एससी-एसटी परिवारों का होगा व्यक्गित रजिस्ट्रेशन, जिला प्रशासन ने प्रारंभ की प्रक्रिया
रीवा. सबकुछ योजना के तहत हुआ तो जल्द ही एससी-एसटी परिवारों की प्रोफाइल तैयार की जाएगी। रीवा जिले में ऐसे साढ़े छह लाख से अधिक एससी-एसटी परिवारों की डिजिटल डायरी बनाई जाएगी। भविष्य में इसी प्रोफाइल की आइडी के आधार पर इन्हें योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। शासन के आदेश पर जिले के अधिकारी योजना को अमली जामा पहनाने में जुट गए हैं। जिला प्रशासन की समीक्षा के बाद प्रारंभिक प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।
समग्र की तरह बनाई जाएगी आइडी
प्रदेश सरकार समग्रआइडी की तरह अब एससी-एसटी परिवारों की प्रोफाइल बनाने का फैसला लिया है। जिससे एक ही आइडी से आदिम जाति कल्याण विभाग सहित अन्य योजनाओं का लाभ मिल सके। अलग-अलग दस्तावेज जुटाने के लिए उन्हें इधर-उधर भटकना न पड़े। सभी दस्तावेज ऑनलाइन आइडी से अटैच रहेंगे। किसी भी योजना का लाभ लेने के लिए डिजिटल प्रोफाइल जारी कर दी जाएगी।
एसटी के 3.30 लाख और एससी के 3.20 लाख
प्रोफाइनल में आधार नंबर, निवास, जाति, पैन सहित अन्य जानकारी दर्ज रहेगी। आदिम जाति विभाग के रिकार्ड के अनुसार जिले में एससी-एसटी के साढ़े छह लाख परिवार हैं। जिसमें एसटी के 3.30 लाख और एससी के 3.20 लाख हैं। प्रत्येक परिवार के सभी सदस्यों के डिजिटल दस्तावेज तैयार किए जाएंगे। जिससे सामग्र आइडी की तरह व्यक्तिगत प्रोफाइल का रजिस्टे्रशन किया जाएगा। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की और प्रक्रिया को प्रारंभ कर दिया है। कलेक्टर प्रीति मैथिल ने जिला स्तर पर जिला संयोजक राजेन्द्र जाटव, ई-गवर्नेंस के आशीष दुबे और लोक सेवा के जिला प्रबंधक मुकेश द्विवेदी को शामिल किया गया है।
एससी-एसटी परिवारों के प्रोफाइल के लिए सरकार देगी पैसे
एससी-एसटी परिवारों की व्यक्तिगत प्रोफाइल रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज बनवाने के लिए लोक सेवा केन्द्र, सभी बैंक, एमपी ऑनलाइन सहित अन्य केंद्रों पर सुविधा प्रदान की गई है। जिन एससी-एसटी परिवारों के आधार नंबर, निवासी, जाति सहित अन्य प्रमाण-पत्र नहीं बने हैं। संबंधित केन्द्र पर जाकर आवेदन करे और डिजिटल प्रमाण-पत्र मिल जाएगा।
वर्जन...
जिले के सभी एससी-एसटी परिवारों का व्यक्गित प्रोफाइल रजिस्ट्रेशन होगा। शासन की गाइड लाइन के आधार पर प्रक्रिया शुरू हो गई है।
राजेन्द्र जाटव, जिला संयोजक, आदिम जाति कल्याण विभाग