जेल प्रशासन ने किया योजना का क्रियान्वयन, तहसीलदारों को लिखा गया पत्र
रीवा। अर्थाभाव के चलते जमानत के बाद जेल की चार दीवारी में बंद कैदियों के लिए शासन ने योजना लागू की है और इस योजना का लाभ गरीब कैदियों को मिलेगा। इससे अब कोई भी कैदी पैसा जमा न कर पाने की स्थिति में जेल में बंद नहीं रहेगा। जेल प्रशासन ने उक्त योजना का क्रियान्वयन शुरू कर दिया है।
2500 के लगभग बंद है जेल में कैदी
दरअसल केन्द्रीय जेल में विभिन्न धाराओं के तहत 2500 के लगभग बंदी और कैदी मौजूद है इनमें ज्यादा से ज्यादातर कैदी विभिन्न मामलों में सजा काट रहे है। कई बार कैदियों को न्यायालय से जमानत मिल जाती है लेकिन वे न्यायालय द्वारा निर्धारित राशि जमा नहीं कर पाते है जिसकी वजह से वे जमानत मिलने के बाद भी जेल से बाहर नहीं निकल पाते है। ऐसे कैदियों के लिए शासन ने यह नवीन योजना लागू की है। अब आर्थिक दृष्टि से कमजोर कैदियों के जुर्माने और जमानत की राशि इस योजना के तहत जमा की जायेगी।
कैदियों की आर्थिक स्थिति की कमंगाई गई जानकारी
इसके लिए जेल प्रशासन ने तहसीलदारों को पत्र लिखा है और कैदियों की आर्थिक स्थिति के संबंध में जानकारियां मांगी गई है। इसके साथ ही परिजनों को भी फोन कर कैदियों के गरीबी रेखा का कार्ड सहित अन्य दस्तावेज मांगे गए है ताकि उनको इस योजना के तहत लाभांवित किया जा सके। अभी तक ज्यादातर कैदी जेल में काम के एवज में मिलने वाली पारिश्रिमिक से ही जुर्माने की राशि अदा करते थे।
जिला व प्रदेश स्तर की समितियां गठित
उक्त योजना के क्रियान्वयन के लिए जिला और प्रदेश स्तर की कमेटियां गठित की गई है। जिला स्तर पर कलेक्टर, एसपी, जेल अधीक्षक, सचिव विधिवक सेवा प्राधिकरण, न्यायाधीश सहित अन्य लोग इसके सदस्य होंगे जिनके अध्यक्ष जिला कलेक्टर होंगे। इसी तरह राज्य समिति में भी सदस्य नियुक्त रहेंगे। जिला समिति को जुर्माने में 25 हजार व जमानत के लिए 40 हजार रुपए तक की सहायता स्वीकृत करने का अधिकार होगा। इससे अधिक जुर्माना और जमानत की राशि के प्रकरणों को राज्य समिति के पास भेजा जायेगा जहां से उनके प्रकरणों का निराकरण किया जायेगा।
सम्पत्ति संबंधी व एनडीपीएस के अपराधियों को नहीं मिलेगा लाभ
उक्त योजना के तहत सम्पत्ति संबंधी अपराधियों के अलावा एनडीपीएस एक्ट के आरोपियों को पात्रता से बाहर रखा गया है। धोखाधड़ी, चोरी, लूट, चेक बाऊंस के मामलों के अलावा एनडीपीएस एक्ट के आरोपियों को इस योजना का लाभ नहीं दिया जायेगा। इसके अतिरिक्त अन्य कैदियों को इस योजना के तहत लाभ दिया जायेगा जिसको लेकर कवायद चल रही है।