रीवा

छुट्टी बाद अतिथि विद्वानों के समर्थन में आए छात्र खड़ी करेंगे मुसीबत, जानिए बन रही कैसी रणनीति

सरकार से नियमितीकरण की मांग कर रहे अतिथि विद्वान...
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Mar 03, 2018
Guest teachers are demanding for regularization, students supported
Guest teachers are demanding for regularization, students supported

रीवा। अतिथि विद्वानों द्वारा किए जा रहे नियमितीकरण की मांग के समर्थन में आए छात्र महाविद्यालयों के खुलने पर उग्र आंदोलन चलाएंगे। समर्थन में आए छात्रनेताओं ने केशदान (मुंडन) कराने वाली महिला अतिथि विद्वान पार्वती व्याग्रे के सम्मान में महीने की पहली तारीख को महाविद्यालयों को बंद कराया है। अब उग्र आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं।

सभी कॉलेजों में छात्र हैं शामिल
महाविद्यालय बंद कराने के बाद अब छात्रों ने रणनीति बनाई है कि वह महाविद्यालय खुलने के बाद उग्र आंदोलन करेंगे। अतिथि विद्वानों के समर्थन में आए छात्रों में टीआरएस कॉलेज से लेकर मॉडल साइंस कॉलेज, न्यू साइंस कॉलेज, लॉ कॉलेज, जीडीसी, विश्वविद्यालय व जनता कॉलेज के छात्र शामिल हैं।

ज्ञापन सौंपकर की है मांग
छात्रों ने उच्च शिक्षा विभाग के क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक डॉ. विनोद कुमार श्रीवास्तव को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर अतिथि विद्वानों को नियमित किए जाने की मांग की है। साथ ही कहा है कि मांग नहीं मानी गई तो वह उग्र आंदोलन करेंगे।

अतिथि विद्वानों ने भी सौंपा है ज्ञापन
नियमितीकरण की मांग को लेकर अतिथि विद्वानों ने पहले ही मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है। उनके द्वारा मांग को लेकर भोपाल में आंदोलन भी किया गया। आंदोलन के दौरान ही सरकार की उपेक्षात्मक रवैए पर रोष जताते हुए महिला अतिथि विद्वान पार्वती व्याग्रे ने मुंडन कराया था। उनके साथ अन्य अतिथि विद्वान भी सामूहिक रूप से मुंडन में शामिल हुए थे।

मिली है केवल एक राहत
अतिथि विद्वानों द्वारा लंबे समय से की जा रही कई मांगों में उनकी एक मांग पूरी होने जा रही है। मांग वेतन बढ़ोत्तरी की है। सरकार ने बजट की घोषणा में अतिथि विद्वानों के वेतन में बढ़ोत्तरी की घोषणा की है। लेकिन अतिथि विद्वान इस घोषणा से संतुष्ट नहीं हैं। उनकी दलील है कि वेतन में बढ़ोत्तरी ही नहीं उन्हें नियमित किया जाए। क्योंकि वह पिछले ३० वर्षों से महाविद्यालयों में पढ़ा रहे हैं।

Published on:
03 Mar 2018 12:45 pm