सरगना की तलाश में जगह-जगह दी जा रही दबिश, तस्करों से पूछताछ जारी
रीवा. पुलिस के हाथ लगे गांजा तस्करी के आरोपियों ने एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। गांजा तस्करी में हाइप्रोफाइल लोग जुड़े हुए थे जिनकी तलाश में पुलिस जुट गई है। मामले में बस ऑपरेटर के बेटे का नाम भी सामने आ रहा है जो गांजा तस्करी में शामिल था। फिलहाल आरोपियों को गोपनीय जगह में रखकर पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस ने एक दिन पूर्व फोरह्वीलर गाड़ी में लोड गांजा की खेप पकड़ी थी। तीन बोरी गांजा सहित करीब दस लाख रुपए बरामद हुए थे। इस दौरान पुलिस ने आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है।
इस गांजा तस्करी नेटवर्क में कई असरदार लोगों के नाम सामने आए हैं जिनके संरक्षण में जिले के भीतर गांजा तस्करी का नेटवर्क संचालित होता था। गांजा उड़ीसा से आता था और मनगवां में डंप होने के बाद चोरीछिपे जिले के अलग-अलग स्थानों में पहुंचाया जाता था। यह गोरखधंधा लंबे समय से चल रहा था। गोरखधंधे में हाईप्रोफाइल लोगों के नाम सामने आने के बाद पुलिस के भी होश उड़े हैं ।
तीन दिन पहले आया था एक ट्रक गांजा
महज तीन दिन पूर्व ही एक ट्रक गांजा रीवा आया था जिसे रात के अंधेरे में मनगवां थाना क्षेत्र में डंप किया गया था और उसे बाद में लग्जरी वाहनों से बांटा जा रहा था। पुलिस के हाथ जब आरोपी लगे तो वे गांजा की खेप डंप करके वापस लौट रहे थे। उनके पास बरामद लाखों रुपए गांजा का है जो तस्करों से उन्होंने लिये थे। अभी भी पुलिस इस मामले में किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है।
भारी वाहनों में छिपाकर लाते थे खेप
उक्त आरोपी भारी वाहनों में छिपाकर गांजा की खेप लाया करते थे जिससे किसी को भी जानकारी नहीं हो पाती थी। इनका नेटवर्क इतना तगड़ा था कि इतनी बड़ी खेप आसानी से रीवा पहुंच जाती थी और किसी को भनक नहीं लग पाती थी। दूसरे सामानों की आड़ में इसे लाया जाता था। पूछताछ में अब उनका नेटवर्क भी पुलिस के सामने आ रहा है।
गढ़ पुलिस को नहीं लग पाई भनक
इतनी बड़ी कार्रवाई की भनक गढ़ पुलिस को नहीं लग पाई थी। पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सुशांत सक्सेना के निर्देश पर कार्रवाई कराई गई। एएसपी मऊगंज और दूसरे थाने की पुलिस ने रात में घेराबंदी की थी जिसमें पहले एक फालो कार को पकड़ा गया जिसमें गांजा लोड वाहन का रास्ता क्लीयर कर रही थी। उक्त गाड़ी को पकड़े जाने के करीब घंटे भर बाद पुलिस ने गांजा से लोड गाड़ी को ढाबा के पास से पकड़ लिया। हैरानी की बात तो यह है कि इतनी बड़ी कार्रवाई की गढ़ पुलिस को भनक तक नहीं लग पाई। जब आरोपियों को लेकर पुलिस थाने आ गई तब कार्रवाई की जानकारी थाने की पुलिस को हुई। ऐसे में अब गढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे है।