
रीवा. सबकुछ योजना के तहत हुआ तो माइंस की मुख्य परियोजनाओं की तरह अब अगले माह यानी मार्च से पत्थर-पटिया की भी खदानें निलाम की जाएंगी। सरकार खजाने में अधिक से अधिक राजस्व जुटाने और सामान्य लोगों की भी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए नई गाइड लाइन लागू करने जा रही है।
खदानों की स्वीकृति के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे
नई व्यवस्था में खास बात यह है कि शासकीय भूमि की तरह अब निजी भूमि पर भी खदानों की स्वीकृति के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे। खनिज संचालक विनीत कुमार आस्टिन के आदेश के तहत अधिकारी योजना को अमली जामा पहनाने में जुट गए हैं। उधर, सरकार की नई व्यवस्था लागू होने के बाद रीवा, सतना, सीधी और सिंगरौली में एक हजार से ज्यादा खदानें निरस्त हो जाएंगी। डेडलाइन पूरी हो चुकी खदानों की नई सिरे से निलामी की जाएगी।
कलेक्टर कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा
नई व्यवस्था में पत्थर-पटियां की खदानों के लिए घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। लीज स्वीकृति के लिए कलेक्टर कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। सरकार की नई व्यवस्था में कलेक्टर के स्वीकृति की आश्वयकता नहीं पड़ेगी। आनलाइन आवेदन के बाद निलामी की प्रक्रिया पूरी करने के बाद लीज फाइनल कर दी जाएगी। निजी जमीनों की स्वीकृति के लिए भू-स्वामियों को निलामी में पहली प्राथमिकता दिए जाने की व्यवस्था बनाई गई है। खनिज संचालक के आदेश अनुसार यह व्यवस्था मार्च से लागू कर दी जाएगी। निलामी के लिए नई खदानें चिंहित की जा रही हैं।
रीवा डिवीजन में 700 से अधिक खदानें संचालित
रीवा, सतना, सीधी और सिंगरौली में 700 से अधिक खदानें संचालित हैं। जिसमें माइंस की मुख्य परियोजनाएं भी शामिल हैं। कार्यालय सूत्रों के अनुसार पहले से चल रहीं खदानों की डेडलाइन पूरी होने के बाद स्वीकृति की प्रक्रिया निलामी के तहत होगी। रीवा डिवीजन में संचालित ज्यादातर खदानों की डेडालाइन 2020 तक पूरी हो जाएंगी। डेडलाइन पूरी होते ही खनन पर प्रतिबंधित लगा दिया जाएगा। नए सिरे से नई व्यवस्था के तहत खदानों की निलामी की जाएगी।
जिला स्तर पर ही तैयार होगी रिपोर्ट
खनिज कार्यालय के अनुसार शासन की नई व्यस्था में खदानों की निलामी के बाद पर्यावरण एनओसी, माइनिंग प्लान, सीमांकन आदि की प्रक्रिया जिला स्तर पर तैयार की जाएगी। ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी होने के बाद खदानों को खोदने से पहले स्वीकृति लीज की औपचारिकता पहले की तरह की पूरी की जाएगी।
राजस्व विभाग से मांगी खदानों की जानकारी
शासन की नई व्यवस्था के तहत राजस्व विभाग से नई खदानों की जानकारी मांगी गई है। जिले के सभी तहसीलदारों से नई एवं शिथिल पड़ी खदानों की रिपोर्ट मांगी गई है। शासन के गाइड लाइन के तहत संबंधित तहसीलदार स्वीकृति लीज के अलावा ऐसी जगह भी चिंहित करेंगे जहां खदानें स्वीकृति किए जाने की संभावना है। साथ ही निजी भूमियों की भी जानकारी मांगी गई है।
वर्जन...
छोटे से लेकर बड़ी खदानों की स्वीकृति निलामी के तहत किए जाने की तैयारी शासन की ओर से व्यवस्था बनाए जाने की सूचना मिली है। अभी शासन से लिखित आदेश नहीं आया है। संभावना है कि अगले माह से नई व्यवस्था लागू हो जाएगी।
रत्नेश दीक्षित, जिला खनिज अधिकारी