मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी एक महिला कर्मचारी को एरियर्स सहित अन्य राशि का भुगतान नहीं किए जाने के खिलाफ दायर अवमाननना याचिका में रीवा एसडीएम ने हाईकोर्ट में उपस्थित होकर बताया कि मॉय लॉर्ड दिए गए आदेश का पालन कर दिया गया है। एसडीएम ने हाईकोर्ट में उपस्थित होकर जानकारी दी। इसके बाद कोर्ट ने याचिका निराकृत कर दी।
रीवा के लोक निर्माण विभाग में कार्यरत महिला सोमवति कुशवाहा की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि उनकी नियुक्ति 1993 में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी के रूप में हुई थी। 1999 में उसे नियमित किया गया और न्यायालय के आदेश के बाद भी 1992 से 1999 तक के एरियर्स सहित अन्य राशियों का भुगतान नहीं किया गया। इकसे खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इसकी सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने निर्धारित समय सीमा में राशि का भुगतान करने का आदेश दिया था। निर्धारित समय सीमा में आदेश का पालन नहीं होने पर याचिका दायर की गई है। एसडीएम ने न्यायालय को बताया कि आदेश का परिपालन करते हुए महिला कर्मचारी को राशि का भुगतान कर दिया गया है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता मोनेश साहू और विजय मौर्य ने पैरवी की है।