रीवा

सैनिक स्कूल के स्टूडेंट्स को दी गई एनडीए व एसएसबी की ट्रेनिंग

मेजर जनरल पी एन त्रिपाठी एवं कैप्टन भुपेंद्र जोशी ने टिप्स दिए
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Updated: 29 Jan 2020, 10:32 AM IST
NDA and SSB training given to Sainik School students
NDA and SSB training given to Sainik School students

रीवा. सैनिक स्कूल में मंगलवार को एनडीए व एसएसबी का ट्रेनिंग प्रोग्राम हुआ। कक्षा 12 वीं के स्टूडेंट्स को मेजर जनरल पी एन त्रिपाठी एवं कैप्टन भुपेंद्र जोशी ने टिप्स दिए। सभी चरणों से कैडेट्स को अवगत कराया गया। उन्होंने रक्षा सेवा को सर्वश्रेष्ठ भविष्य बताया। संबंधित कैडेट्स द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर भी दिए। एसएसबी में होने वाले सभी चरणों जैसे कहानी लेखन, मनोवैज्ञानिक परीक्षण, साक्षात्कार एवं ग्रुप टास्क के लिए छात्रों को तैयार किया। उन्होंने विभिन्न स्तरों पर छात्रों को होने वाली कठिनाइयों को भी दूर किया। भविष्य में होने वाली परीक्षा के लिए मानसिक व शारीरिक रूप से तैयार किया। मेजर जनरल त्रिपाठी एवं कैप्टन जोशी सैनिक स्कूल रीवा के ही पुरा छात्र हैं।

इतिहास विभाग में व्यक्तित्व एवं कौशल विकास पर कार्यशाला

शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय के इतिहास विभाग में व्यक्तित्व एवं कौशल विकास कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में प्रमुख वक्ता के रूप में डॉ.आर.सी. चतुर्वेदी एवं डॉ.आशुतोष द्विवेदी रहें। कहा कि, लगन एवं जुनून के माध्यम से एक लक्ष्य बनाकर यदि छात्राएं आगे बढ़ती हैं तो उन्हें अपनी मंजिल प्राप्त करने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होनें स्वामी विवेकानंद और महात्मा गांधी के जीवन चरित्र का अनुसरण करने के लिए प्रेरित किया। छात्राओं में व्यक्तित्व विकास विकसित करने का तरीका बताया। मेक इन इंडिया और लघु उद्योगों के माध्यम से कौशल विकास पर बल दिया। प्रिंसिपल डॉ. नीता सिंह ने कहा, छात्राओं के सार्वांगिण विकास में यह कार्यशाला महत्वपूर्ण है। प्रभारी गुणवत्ता प्रकोष्ठ प्रो. महेन्द्रमणि द्विवेदी ने कहा, सामने आने वाले कठिनाइयों से मुकाबला करने के लिए हमें अपने - आप को तैयार रखना चाहिए। कठिनाइयां हर रास्ते पर आती हैं सफल वे होते हैं वे मुकाबला कर आगे निकल जाते हैं। कार्यशाला का संयोजन प्रो. मेजर विभा श्रीवास्तव ने किया। कार्यक्रम में इतिहास विभाग के अतिथि विद्वान डा.अमर नाथ कोयरी, लाल बिहारी एवं महाविद्यालय की इतिहास विभाग की एम.ए. पूर्वाद्ध, एम.ए. उतर्राद्ध एवं स्नातक स्तर की छात्राएं बड़ी संख्या में शामिल हुईं।

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