-ओवरलोड डंपर की टक्कर से बुजुर्ग महिला की मौत-बिना रेलिंग वाले सितलहा पुल पर दर्दनाक हादसा-मौके पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा-प्रशासन के खिलाफ लोगों में फूटा आक्रोश
मध्य प्रदेश में सड़क हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला प्रदेश के रीवा जिले में सामन आया, जहां एक तेज रफ्तार ओवरलोड डंपर की जोरदार टक्कर से एक बुजुर्ग महिला की मौके पर ही मौत हो गई। बता दें कि, ये दर्दनाक हादसा शहर के जवा थाना इलाके के अंतर्गत आने वाले बिना रेलिंग के सितलहा पुल पर बुधवार को दोपहर में हुआ। जानकारी मिलते ही पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस घटना से क्षेत्रीय लोगों में प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश व्यक्त किया।
जानकारी के अनुसार, सितलहा में रहने वाली 75 वर्षीय गुलाब कली गुप्ता पति कामता प्रसाद गुप्ता बाजार आई थी, जो अपने बेटे से मिलकर सितलहा वापस लौट रही थी।जा रही थी। उसी दौरान सामने से रेत से ओवरलोड डंपर क्रमांक एमपी 17 एचएच 3590 आ गया और महिला को कुचलते हुए निकल गया। रेलिंग नहीं होने से महिला पुल का किनारा छोडकऱ चल रही थी। हादसे की जानकारी लगते ही जवा थाना प्रभारी गीतांजली सिंह मौके पर पहुंची और प्राथमिक जांच के बाद शव को पीएम के लिए अस्पताल भिजवाया। वहीं, डंपर जब्त कर आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया गया गै। पुलिस द्वारा आगे की कार्यवाही की जा रही है।
हो सकते हैं हादसे के दो कारण
इस दर्दनाक घटना के प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि, एक तो डंपर ओवरलोड था, दूसरी तरफ पुल की हालत पूरी तरह जर्जर हो चुकी है, जिसपर तेज गति से वाहन दौड़ने के कारण ये हादसा हुआ है।
पहले भी हो चुके हैं हादसे
सितलहा के पास टमस नदी पर बना पुल संकीर्ण एवं बिना रेलिंग का है, जिसमें हमेशा हादसे का डर बना रहता है। इससे पूर्व भी सितलहा निवासी राजीव नारायण तिवारी का बिना रेलिंग के पुल से गिरने के कारण रीड की हड्डी टूट गई थी और कुछ दिन बाद उनकी मृत्यु हो गई थी। इस पुल से कई स्कूलों के बच्चों व यात्री वाहनों का आवागमन बना रहता है। जबकि यह पुल जानलेवा हो चुका है।
कलेक्टर के निर्देश को लग रहा पलीता
बरसात में सितलहा पुल से टमस के तेज पानी के बहाव के देखते हुए रेलिंग निकाल दी जाती है और बरसात समाप्त होते ही रेलिंग लगाई जाती है। लेकिन इस वर्ष अभी तक रेलिंग नहीं लगाई गई है। जबकि इस बारे में कलेक्टर और एसपी को भी अवगत कराया गया था, तब अधिकारियों ने तत्काल रेलिंग लगाने का निर्देश दिये थे। लेकिन, प्रशासन के कान पर अब एक बार फिर रेलिंग नहींहोने कारण ये हादसा हुआ है।