अक्षय तृतीया पर, रीवा विधानसभा के रतहरा में परिचर्चा दौरान युवा हुए शामिल, बोले-स्वच्छ राजनीति के लिए युवाओं ने लिया संकल्प, बनाई चैन
रीवा. आज राजनीति में आगे बढऩा है तो धनबल, बाहुबल होना जरूरी है। राजनीति में वंशवाद, क्षेत्रवाद, जातिवाद और रसूख भारी है। ऐसा अच्छे लोगों के राजनीति में नहीं आने से हो रहा है, जिसका असर देश और समाज पर पड़ रहा है।
‘पत्रिका’ ने इसके लिए एक मंच दिया
एक बेहतर भारत और भविष्य के लिए साफ और स्वच्छ छवि के लोग राजनीति में आएं, ‘पत्रिका’ ने इसके लिए एक मंच दिया है। समाज और हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि राजनीति में आने वाले अच्छे लोगों का सहयोग करें। राजनीति में आने के लिए कुछ मापदंड तय किए जाने चाहिए। खासकर ऐसे लोगों को राजनीति में जगह नहीं मिलनी चाहिए, जिनके खिलाफ कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हों। चुनाव लडऩे वालों की शैक्षणिक योग्यता तय होना चाहिए। राजनीति सिर्फ लाभ के लिए नहीं होनी चाहिए, सांसद और विधायक बनना ही राजनीति का मुख्य उद्ेदश्य नहीं होना चाहिए। अब वक्त आ गया है कि जब आत्मविश्वास और हिम्मत के साथ अच्छे लोगों को राजनीति में आना होगा तभी गंदगी की सफाई हो सकेगी।
स्वच्छ राजनीति के लिए हम चेंजमेकर बनेंगे
पत्रिका के महाअभियान ‘स्वच्छ करें राजनीति’ के तहत अक्षय तृतीया पर विधानसभा स्तर पर चेंजमेकर और वालेटियर की आयोजित परिचर्चा में यह बात युवाओं ने कही। युवाओं ने बेबाक विचार रखे और कहा कि राजनीति में बदलाव जरूरी है। स्वच्छ राजनीति के लिए हम चेंजमेकर बनेंगे। युवाओं ने कहा, स्वच्छ राजनीति के लिए वोटर और नेता दोनों की सोच बदलने की आवश्कता है, जब तक दोनों की सोच नहीं बदलेगी तब तक राजनीति की सेहत नहीं सुधरेगी। राजनीति के क्षेत्र में अपराधियों का पूरी तरह सफाया होना चाहिए। इस मौके पर दिनेश सिंह सहित दर्जनों की संख्या में युवा मौजूद रहे।
मापदंड तय होना चाहिए
राजनीति गल्ली मोहल्ले से शुरू करना चाहिए, सांसद, विधायक बनना ही उद्देश्य नहीं, समाजसेवा आश्वयक है। राजनीति के लिए नेतृत्व की क्षमता होना चाहिए, इसे समाज सेवा के रूप में उपयोग किया जाना चाहिए।
डायमंड दिनेश ओबीसी, युवा
राजनीति में कैडर का तराशा हुआ व्यक्ति को मौका मिलना चाहिए, ताकि बदलाव हो सके। पत्रिका ने इस ओर अच्छी पहल की है।
गिरीश पटेल, युवा
राजनीति का उद्देश्य देश प्रेम होना चाहिए, राजनीति किसी का दल या फिर व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए नहीं करना चाहिए। जाति पति से हटकर ही संभव है स्वच्छ राजनीति।
अशोक वर्मा, युवा
राजनीति का उद्देश्य जनकल्याण होना चाहिए, स्वार्थ नहीं, अच्छे लोग राजनीति से दूर हंै, इस लिए अयोग्य लोग राजनीति में आ रहे हैं। इसके लिए जागरुकता जरूरी है।
अनिल पटेल, युवा
ऐसा नहीं कि अच्छे लोग राजनीति में नहीं चाहते हैं, लेकिन उन्हें डरा, धमका दिया जाता है। ऐसे नियम बनने चाहिए कि लोग गलत करने से पहले सोचें। सब की जवाबदेही तय करनी होगी।
राकेश कुमार, युवा
स्वच्छ राजनीति के लिए वोटर और नेता दोनों की सोच बदलने की आवश्यकता है, जब तक दोनों की सोच नहीं बदेगी तब तक राजनीति स्वच्छ नहीं हो सकती।
राज पटेल, युवा
राजनीति में जाने से लोग डरते हैं। बचपन से ही हमें घर में बताया जाता है कि बेटा पॉलटिक्स गंदी चीज है, किसी तरह का करियर नहीं है। पढ़ लिखकर डॉक्टर या फिर अच्छे अधिकारी बनो।
अर्जुन सिंह, युवा
स्वच्छ राजनीति के लिए ये भी आए सुझाव
जाति, धर्म से हटकर देश हित में हो राजनीति
वंशवाद से परे शिक्षित राजनेता का हो चुनाव
राजनीति में आपराधित रिकार्ड के व्यक्ति को वोट न दें मतदाता
साफ छवि के व्यक्ति को पाॢटयां टिकट दें।
ऐसे नियम बने की राजनीति में लोग गलत करने से पहले सोचें।