
NEET Paper Leak- मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले के नईगढ़ी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मगनिया(पुरवा) निवासी कृष्ण कुमार चतुर्वेदी की पुत्री आकांक्षा चतुर्वेदी द्वारा नीट परीक्षा निरस्त होने से आहत होकर आत्महत्या किए जाने के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस घटना को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने गुुरुवार को फोन पर बात की। इसके लिए रीवा से एनएसयूआई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मंजुल त्रिपाठी और युवा कांग्रेस के अध्यक्ष अनूप चंदेल को विशेष रूप से मगनिया गांव भेजा गया था। राहुल गांधी ने आकांक्षा के पिता कृष्णकुमार और माता नीलम चतुर्वेदी से फोन पर बात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। साथ ही उन्होंने पीडि़त परिवार को आश्वासन दिया है कि आकांक्षा की मौत व्यर्थ नहीं जाने देंगे, सरकार से जवाब लेंगे। साथ ही कहा है कि किसी तरह की समस्या हो तो वह सूचित करें, कांग्रेस के कार्यकर्ता परिवार की तरह उनके साथ खड़े रहेंगे।
इसके बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि यह मौत आत्महत्या नहीं, बल्कि मोदी सरकार की भ्रष्ट और टूटी हुई व्यवस्था की देन है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में गड़बडिय़ों के कारण देश के लाखों युवाओं का भविष्य संकट में पड़ गया है। राहुल गांधी ने छात्र-छात्राओं के मानसिक दबाव और व्यवस्था की विफलता को इस दुखद घटना के लिए जिम्मेदार बताया। राहुल गांधी के इस बयान के बाद नीट परीक्षा को लेकर देशभर में चल रहा विवाद और अधिक गर्मा गया है। विपक्ष लगातार परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहा है तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज हो गई है।
मऊगंज के मगनिया गांव के निवासी कृष्ण कुमार मिश्रा नागपुर में रहते हैं और बेटी को वहीं पढ़ा रहे थे। नागपुर में ही आकांक्षा ने नीट की परीक्षा भी दी थी। नीट की तैयारी के लिए पिता ने तीन लाख रुपए किसान क्रेडिट कार्ड से कर्ज लिया था, उन्हें और परिवार को भरोसा था कि बेटी पढऩे में ठीक है, इसलिए उसका किसी अच्छे कॉलेज में एडमिशन हो जाएगा। बीते महीने नीट परीक्षा होने के बाद आहत होकर आकांक्षा ने आत्महत्या कर लिया था और सुसाइड नोट में लिखा था कि अब दोबारा परीक्षा देने की उसकी हिम्मत नहीं है। अब राहुल गांधी के बयान के बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आ गया है।
गत दिवस एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ को राहुल गांधी ने आकांक्षा के परिजनों से मिलने भेजा था। इस दौरान कृष्णकुमार चतुर्वेदी ने बताया कि बेटी की पढ़ाई के लिए बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए तीन लाख का ऋण लिया था। उसी दिन विनोद जाखड़ ने 2.50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देते हुए आश्वासन दिया कि किसान क्रेडिट कार्ड से लिए गए कर्ज को पटाने में भी वह आगे भी मदद करेंगे। गुरुवार को मंजुल त्रिपाठी और अनूप चंदेल ने शेष 50 हजार रुपए और दिए, जिससे बैंक का ऋण परिवार चुका सकेगा।