रीवा. ललितपुर सिंगरौली परियोजना से प्रभावित किसानों व नौजवानों में रेलवे के वायदा खिलाफी को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सैकड़ों किसानों ने कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर संभागायुक्त को ज्ञापन सौंपा है। जिसमें किसानों ने एक राय होकर चेताया है कि उनकी मांगों को अब नजरांदाज किया गया तो आनंद विहार ट्रेन के नीचे लेटरकर आत्महत्या करने को मजबूर होंगे।
किसानों ने आयुक्त को दिए ज्ञापन में कहा कि सरकार एवं रेलवे प्रशासन द्वारा लगातार उनकी आवाज को दबाया जा रहा है। नौजवानों को झूठे प्रकरण में फंसाकर आन्दोलन को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। जबकि संभागभर के किसान लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों के लिये शासन-प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं। अब उनके पास आत्महत्या करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है। जिसके लिए रेलवे प्रशासन के साथ ही सांसद एवं रेलमंत्री जिम्मेदार होंगे।
रीवा, सीधी, सिंगरौली एवं सतना के किसानों की मांग है कि रेलवे ने उनकी जमीन ली है तो उनके बच्चों को नौकरी भी दे। लेकिन रेलवे प्रशासन ने नौकरी देने से इनकार कर दिया है, जिससे संभागभर के किसान गोविंदगढ़ रेलवे स्टेशन पर धरना दे रहे हैं।ज्ञापन सौंपने वालो में प्रमुख रूप से किसान नेता महेन्द्र पाण्डेय, जिला पंचायत सदस्य लालमणि त्रिपाठी, गिरीश शुक्ला, राघवेन्द्र मिश्रा, अनिल शर्मा आदि शामिल रहे।