अधिकारियों की लापरवाही...
रीवा। शासन स्तर से जारी शैक्षणिक कैलेंडर में भले ही पढ़ाई के साथ खेलकूद की गतिविधियों को आवश्यक करार दिया गया हो। लेकिन शहर के आधा दर्जन स्कूलों में बरसात भर बच्चों की खेलकूद से जुड़ी गतिविधि मैदान के बजाए कक्षा तक ही सीमित रहेगी। जरा सी बारिश में स्कूलों का परिसर तलैया में तब्दील हो जाना इसकी मुख्य वजह है।
छात्रों को नहीं मिल रहा खेलने का मौका
जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के चलते दो दिन से हो रही बारिश में स्कूल परिसर में जल भराव की स्थिति बन गई है। ऐसे में बच्चे स्कूल पहुंचने के बाद कक्षा तक में सीमित रहने को मजबूर हैं। आधी छुट्टी में बच्चे कक्षा में ही मध्याह्न भोजन करते हैं और वहीं कमरे की चारदीवारी के बीच उछलकूद कर शांत बैठ जाते हैं।
गुजारिश का नहीं पड़ा कोई फर्क
स्कूल परिसर में जलभराव का कारण बरसात के पानी की निकासी के लिए उचित व्यवस्था का नहीं होना और परिसर का तल बगल की सडक़ों से नीचा होना है। प्राचार्यों व प्रधनाध्यापकों ने शिक्षा अधिकारियों ने परिसर में मिट्टी भराव व पानी की निकाली की व्यवस्था किए जाने को लेकर गुहार लगाई है। लेकिन नतीजा सिफर रहा है।
अधिकारी नहीं फरमा रहे गौर
बरसात के मौसम में स्कूल परिसर में जल भराव की स्थिति से शिक्षा अधिकारी वाकिफ हैं। लेकिन स्कूल प्राचार्यों की तमाम गुजारिश के बावजूद समस्या के निदान की जरूरत नहीं समझी गई है। कई स्कूलों की स्थिति यह है कि बारिश के बाद परिसर में इतना पानी भर जाता है कि छात्रों और शिक्षकों को कक्षा तक पहुंचने में भरे पानी में घुस कर जाना पड़ता है।
शासकीय हाइस्कूल समान
शासकीय हाइस्कूल समान में बरसात के सीजन में जलभराव व कीचड़ की समस्या से छात्र परेशान हंै। पिछले दो वर्षों से बन रही इस स्थिति से प्राचार्य ने अधिकारियों से अवगत कराया। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जल निकासी की व्यवस्था व मिट्टी भराव की जरूरत है।
सिकरम खाना शासकीय शाला
शासकीय शाला सिकरमखाना की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है। पानी की निकाली की व्यवस्था नहीं होने से जरा सी बारिश में परिसर भर जाता है। जिससे एक ओर जहां बच्चों की खेल गतिविधि बंद है। वहीं दूसरी ओर से कक्षा तक पहुंच रही बदबू से छात्र व शिक्षक सभी परेशान हैं।
शाउमावि क्रमांक एक व दो की
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक एक और दो की स्थिति भी दयनीय है। दोनों विद्यालयों तक पहुंचने के लिए मार्ग तो बना दिया गया है। लेकिन मैदान की स्थिति पहले जैसी ही है। जरा सी बारिश हुई नहीं कि मैदान में जल भराव व कीचड़ की स्थिति बन जाती है।