71 साल के मोहनलाल द्विवेदी को नहीं आती नींद, नींद उड़ने पर खूब कराया इलाज
रीवा. रीवा के रहनेवाले मोहनलाल द्विवेदी मेडिकल साइंस के लिए चुनौती बन बैठे हैं. वे पूरे 48 साल से जाग रहे हैं जबकि डाक्टर्स कहते हैं कि स्वस्थ रहने के लिए रोज कम से कम 6 घंटे की नींद जरूरी है। मध्यप्रदेश सरकार में रिटायर्ड ज्वॉइंट कलेक्टर के पद से रिटायर हुए मोहनलाल के मुताबिक वे पिछले 48 वर्षों से एक पल के लिए भी नहीं सोए हैं।
मोहनलाल द्विवेदी बताते हैं कि उनके पिता भी कम सोते थे। उनके पिता महज 2—3 घंटे ही सोते थे। इतना ही नहीं उनकी पत्नी और बेटी भी बहुत कम सोती हैं। उनकी पत्नी व बेटी भी 2—3 घंटे ही सोती हैं। इसके बावजूद उन्हें किसी किस्म की परेशानी नहीं होती। वे आमजन की तरह ही जीवन जी रहे हैं।
हालांकि यह देखकर डॉक्टर्स हैरान हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि इतने साल तक नहीं सोना मुमकिन तो नहीं है लेकिन मोहनलाल की दिनचर्या का हिस्सा हो चुका है। द्विवेदी बताते हैं कि 1973 में वे लेक्चरर बने थे। इसके कुछ दिन बाद से उनकी नींद गायब हो गई. इससे पहले वे रोज करीब 2—3 घंटे की नींद ले लेते थे।
मोहनलाल द्विवेदी ने नींद न आने की बीमारी का हर तरह का इलाज कराया. झाड़-फूंक करवाने से दिल्ली, मुंबई तक के चक्कर लगाए. यहां तक कि जबलपुर और रीवा के मानसिक रोग विशेषज्ञों से भी सभी प्रकार की जांचें कराईं लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। सन 2002 तक उन्होंने डाक्टर्स को दिखाया इसके बाद निदान नहीं मिलने पर इलाज भी बंद कर दिया।