रीवा

प्रदेश के पांच कॉलेजों को मिला बड़ा तोहफा, रीवा का टीआरएस कॉलेज भी शामिल, जानिए क्या है गिफ्ट

छात्रों के साथ शिक्षकों को होंगे कई लाभ...
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Updated: 17 Jul 2018, 12:39 PM IST
Rewa TRS college is Excellence, Order issued from Higher Education
Rewa TRS college is Excellence, Order issued from Higher Education

रीवा। टीआरएस कॉलेज की आखिरकार वह ख्वाहिश पूरी हो गई, जिसका कॉलेज प्रशासन को लंबे समय से इंतजार था। उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेज को उत्कृष्ट संस्थान दर्जा प्रदान किया है।

बजट व सुविधाओं में होगा इजाफा
विभाग की ओर से आदेश जारी होते ही कॉलेज में खुशी की लहर दौड़ गई है। उत्कृष्टता का दर्जा मिलने पर अब कॉलेज को शासन से मिलने वाले बजट व सुविधाओं में इजाफा होगा जिसका लाभ छात्रों और कॉलेज स्टॉफ को भी मिलेगा।
उच्च शिक्षा विभाग की ओर से प्रदेश के पांच कॉलेजों को उत्कृष्टता की श्रेणी में रखा है, जिसमें टीआरएस कॉलेज शामिल है।

इन कॉलेजों के लिए आदेश हुआ जारी
कॉलेज प्राचार्य डॉ. सत्येंद्र शर्मा ने बताया कि उत्कृष्ट संस्थान की श्रेणी में रखे गए कॉलेजों में टीआरएस कॉलेज के अलावा शासकीय होल्कर विज्ञान महाविद्यालय इंदौर, शासकीय माधव विज्ञान महाविद्यालय उज्जैन, शासकीय विज्ञान महाविद्यालय जबलपुर व शासकीय आदर्श विज्ञान महाविद्यालय ग्वालियर शामिल है।

2002 में मिला है स्वशासी का दर्जा
प्राचार्य ने कॉलेज को उत्कृष्टता की श्रेणी में शामिल किए जाने पर शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक स्टॉफ को बधाई दी है। पत्रकारवार्ता में कहा कि कॉलेज की यह उपलब्धि सभी की मेहनत का नतीजा है। प्राचार्य ने कहा कि वर्ष 2002 में स्वशासी का दर्जा प्राप्त करने के बाद से कॉलेज में तेजी के साथ हर दृष्टि से विकास हुआ है। पूर्व प्राचार्यों को भी इसका श्रेय जाता है।

कॉलेज स्टॉफ में दौड़ गई है खुशी की लहर
कॉलेज के नियंत्रक डॉ. रामलला शुक्ला ने कॉलेज को उत्कृष्टता का दर्जा मिलेगा, इसकी सभी को उम्मीद रही है क्योंकि कॉलेज ने ऐसी कई उपलब्धियां हासिल की हैं, जो प्रदेश के किसी दूसरे कॉलेज में नहीं हैं। मौके पर कॉलेज के प्राध्यापक डॉ. अखिलेश शुक्ला ने उन विशेषताओं पर संक्षिप्त में प्रकाश डाला, जिसके दम पर कॉलेज को यह उपलब्धि हासिल हुई। मौके पर उपस्थित प्रो. अजय शंकर पाण्डेय, डॉ. भूपेंद्र सिंह व डॉ. शिप्रा द्विवेदी सहित अन्य ने कॉलेज को उत्कृष्टता का दर्जा मिलने को जिले ही नहीं बल्कि विंध्य की उपलब्धि बताया।

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