रीवा

संजय गांधी अस्पताल में नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर, दो घंटे में मिलेगी पैथालॉजी की जांच रिपोर्ट

कंप्यूटरीकृत हुई जांच की व्यवस्था, डिस्प्ले स्क्रीन बताएंगे ब्लड बैंक में कितना है ब्लड
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Apr 13, 2018
CMO wrote the left foot instead of the left X-ray
CMO wrote the left foot instead of the left X-ray

रीवा. सब कुछ योजना के तहत हुआ तो विंध्य के मरीजों को श्यामशाह मेडिकल कॉलेज के संजय गांधी अस्पताल में पैथालॉजी की जांच के लिए कई दिन चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नई व्यवस्था से महज दो घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट मिल जाएगी। मेडिकल कॉलेज की कार्यकारिणी में पैथालॉजी को कम्प्यूटरीकृत करने का प्रस्ताव पास हुआ था जिसे अब अमलीजामा पहनाने का कार्य शुरू होने जा रहा है। पैथालॉजी में चार कम्प्यूटर लगाए जा रहे हैं। जहां चौबीस घंटे कर्मचारी मौजूद रहेंगे।

जांच रिपोर्ट दो तरह से उपलब्ध कराई जाएगी
यहां जांच रिपोर्ट दो तरह से उपलब्ध कराई जाएगी। ओपीडी के मरीजों को पंजीयन काउंटर से प्रिंटेड जांच रिपोर्ट लेनी होगी जबकि अस्पताल में भर्ती मरीज की जांच रिपोर्ट सीधे संबंधित डॉक्टर तक पहुंचेगी। मरीज के तीमारदार को इसके लिए चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। केस सीट में जांच रिपोर्ट शामिल की जाएगी। वहीं ओपीडी के मरीज को पैथालॉजी की जांच रिपोर्ट दो घंटे के भीतर मुहैया कराई जाएगी। यह व्यवस्था मरीजों को सहूलियत को देखते हुए की जा रही है।


संभागभर से आते हैं मरीज
दरअसल, संजय गांधी अस्पताल में विंध्य क्षेत्र के पन्ना, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल सहित अन्य जिलों से मरीज आते हैं। सुबह ओपीडी में डॉक्टर जांच के लिए लिखता है तो अभी तक जांच रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए दो दिन का समय लगता था। लेकिन नई व्यवस्था से राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं नई व्यवस्था से मरीज की जांच रिपोर्ट बदलने की संभावना भी न के बराबर हो जाएंगी।


इस प्रक्रिया से होगा गुजरना
आउटडोर में दिखाने वाले मरीज को जांच की रसीद पंजीयन कक्ष से कटवानी होगी। यहां ओपीडी पर्चे के साथ एक स्टिकर दिया जाएगा। यह स्टिकर सैंपल कलेक्शन के वॉयल पर चस्पा होगा। स्टिकर में मरीज का नाम, जांच और ओपीडी क्रमांक अंकित होगा। स्टिकर में दो घंटे बाद जांच रिपोर्ट मिलने की बात भी अंकित होगी। जांच रिपोर्ट कम्प्यूटराईज्ड होगी जो पंजीयन कक्ष से रसीद दिखाकर प्राप्त की जा सकेगी।


लगेगी तीन स्थानों पर डिस्प्ले स्क्रीन
ब्लड बैंक की व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए तीन स्थानों पर डिस्प्ले स्क्रीन लगाई जा रही है। एक स्क्रीन गांधी स्मारक चिकित्सालय के पंजीयन कक्ष के पास लगेगी। दूसरी स्क्रीन ब्लड बैंक और तीसरी स्क्रीन इमरजेंसी विभाग में लगाई जाएगी। डिस्प्ले स्क्रीन में ब्लड का स्टॉक, किसे ब्लड दिया गया, किस समूह का ब्लड उपलब्ध है, स्वैच्छिक रक्तदाताओं की सूची मोबाइल नंबर के साथ बारी-बारी से स्क्रीन पर प्रकाशित होती रहेगी।

Updated on:
13 Apr 2018 05:07 pm
Published on:
13 Apr 2018 05:05 pm