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31 जून… एग्जाम फार्म भरने की लास्ट डेट, एमपी की यूनिवर्सिटी का अजब कारनामा

Awadhesh Pratap Singh University : लापरवाही की हद! रीवा के अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय ने खोज निकाली नई तारीख। परीक्षा फार्म भरने के लिए 31 जून तक की तिथि निर्धारित, पोर्टल पर पत्र भी अपलोड कर दिया।

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Awadhesh Pratap Singh University

Awadhesh Pratap Singh University (अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय का अजब कारनामा Photo Source- Patrika)

Rewa News :मध्य प्रदेश के रीवा में स्थित अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय प्रबंधन की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। जिसमें तारीखों का हिसाब ही नहीं लगा पाए और 31 जून तक परीक्षा आवेदन फार्म भरने की घोषणा भी कर दी है। ये ऐसी तारीख है कि, जो कैलेंडर में है ही नहीं है। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन की परीक्षा को लेकर गंभीरता पर सवाल उठने लगे हैं।

ये आदेश न सिर्फ विश्वविद्यालय के भीतर के दस्तावेज में है, बल्कि विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी आदेश की प्रति अपलोड कर दी गई है। ये प्रक्रिया कम्प्युटर आपरेटर, बाबू, सहायक कुलसचिव समेत अन्य लोगों के सामने से भी गुजरी, लेकिन कमाल है कि, किसी ने भी इसपर ध्यान नहीं दिया।

31 जून 2026 तक आवेदन करने का समय

22 जून को विश्वविद्यालय के सहायक कुलसचिव की ओर से जारी की गई इस संशोधित अधिसूचना में सेमेस्टर पद्धति की जून महीने में होने वाली परीक्षा के लिए स्नातकोत्तर नियमित, भूतपूर्व, एटीकेटी आदि परीक्षार्थियों से परीक्षा में शामिल होने के लिए आवेदन करने की तारीख बताई गई है। जिसमें एमए, एमएचएससी, एमएससी, एम कॉम, एमएसडब्ल्यू, एमबीए, एलएलएम पार्ट-2 आदि के लिए 22 जून से 31 जून 2026 तक सामान्य शुल्क समेत आवेदन करने का समय दिया गया है। इसके बाद एक जुलाई से परीक्षा संचालन के एक दिन पहले तक 1500 रुपए विलंब शुल्क के साथ आवेदन करने का अवसर दिया गया है।

मामले पर कुलपति और कुलसचिव ने साधी चुप्पी

इस तरह की गंभीर लापरवाही से जुड़े इस पूरे मामले में विश्वविद्यालय के कुलपति और कुलसचिव से पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

सोशल मीडिया पर हो रही किरकिरी

विश्वविद्यालय प्रशासन की इस लापरवाही की अब सोशल मीडिया पर भी खासा किरकिरी हो रही है। कई यूजर्स तरह-तरह के सवाल उठाते हुए उपहास भी उड़ा रहे हैं। किसी का कहना है कि विश्वविद्यालय के उन कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाना चाहिए, जिन्होंने कड़ी मेहनत के बाद नई तारीख की खोज की है। एक यूजर ने कहा कि, इस यादगार तारीख पर विश्वविद्यालय के गेट के सामने वो केक काटकर प्रबंधन को बधाई देंगे। देवतालाब के छात्र व्यंकटेश तिवारी ने कहा कि, इस लापरवाही से विश्वविद्यालय में किस तरह की प्रक्रिया चलती है, उसका उदाहरण सामने आया है। जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई कर विश्वविद्यालय प्रबंधन को स्थिति स्पष्ट करना चाहिए।