शिक्षा व्यवस्था चौपट, छात्रों का भविष्य अंधकार में
रीवा. स्कूल में भारी अव्यवस्था है। जिससे नौनिहालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालय के परिषद में कीचड़ और पानी भरा है। बच्चे टीन शेड के नीचे भेड़-बकरियों की तरह बैठते हैं। इस पर अभिभावकों ने कहा कि मनमानी शुल्क लेने के बाद बच्चों को बैठने तक की सुविधा नहीं देना अन्याय है।
जानकारी के अनुसा लालगांव कस्बे के बीच बाजार में पूर्व के अस्पताल भवन में सरस्वती शिशु मंदिर संचालित है। यहां पर अरुणोदय से लेकर पांचवीं तक की कक्षाओं का संचालन होता है। स्कूल द्वारा मोटी रकम वसूली जाती है लेकिन सुविधा नाम पर कुछ भी नहीं है। स्कूल भवन निर्धारित मापदंडों के अनुरूप न बना होने के कारण हवा और प्रकाश की सुविधा का निरंतर अभाव बना रहता है। बच्चों के लिए कक्षाओं में न तो विधिवत रूप से बैठने की व्यवस्था है और न ही स्वच्छ पीने का पानी है। इतना ही नहीं सबसे आवश्यक शौचालय की सुविधा भी बदतर हैं।
बरसात में बंद हो जाता है स्कूल
नौनिहालों को टीन शेड के नीचे भेड़ बकरियों की तरह ठूस-ठूस कर बैठाया जाता है और पानी गिरने पर स्कूल के अंदर पानी भर जाने के कारण समीप के स्वास्थ्य भवन के टीन शेड की छाया में खड़ा कर दिया जाता है। स्कूल भवन में शीलन होने के कारण पूरा फर्स गीला रहता है जिससे स्कूल के बच्चों का ड्रेस रोज ही पूरी तरह से गीला और गंदा हो जाता है ऐसे माहौल में पढ़ाई का आलम क्या होगा इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। यह तो अच्छा हुआ कि प्राचार्य श्री महेश प्रसाद सोनी ने स्कूल में इनवर्टर की व्यवस्था करवा दी नहीं तो बच्चे अंधेरे और गर्मी में पढऩे के लिए बाध्य थे।
बीमारियों का शिकार होंगे बच्चे
अगर बैठक व्यवस्था, पीने के स्वच्छ पानी और शौचालय की व्यवस्था पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो इसका खामियाजा बीमारी के रूप में बच्चों और उनके अविभावकों को भुगतना पड़ेगा। शिशु मंदिर के प्रधानाध्यापक राघवेन्द्र सिंह कहा कि व्यवस्थाओं के अनुसार पढ़ाई हो रही है। हालांकि अविभावकों को स्वयं स्कूल जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर स्कूल प्रबंधन को अवगत कराना चाहिए।