अफरा-तफरी के बीच जान बचा भागे राहगीर, गोली लगने से एक गुट के दो बदमाश घायल, घटना स्थल से कार और खोखे जब्त
रीवा. शहर में सोमवार को पुलिस थाने के 100 मीटर की दूरी पर दो गुटों में गैंगवार शुरू हो गया। बीच बाजार मुख्य सडक़ पर गोलियां चलने से अफरातफरी मच गई। राहगीर जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे। करीब पांच मिनट तक गोली चलने के बाद गुंडे बाइक से थाने के सामने से गुजर गए। घटना में एक गुट के दो बदमाश हुए हैं, जिन्हें संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दिनदहाड़े हुई गैंगवार की घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना शहर के सिविल लाइन थाने से 100 मीटर दूर आकृति टॉकीज मोड़ पर हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि गुप्ता पेट्रोल पंप के सामने कार (एमपी 17 सीबी 7541) खड़ी थी। इसी दौरान बाइक से दो युवक आए और पिस्टल निकालकर फायर करने लगे। कार में सवार युवकों ने भी गोलियां चलानी शुरू कर दी। पांच मिनट तक फायर के दौरान कार में सवार संजय द्विवेदी ऊर्फ रॉक, हिमांशु मिश्रा को गोली लगी। इसके बाद बाइक सवार फायर करते हुए सिविल थाने के सामने से भाग निकले। गोली लगने से घायल संजय द्विवेदी और हिमांशु मिश्रा पर भी कई मामले दर्ज हैं। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बयान दर्ज घटना की जांच शुरू कर दी। घटना के पीछे दोनों गुटों की पुरानी रंजिश बताई जा रही है। घायलों ने घटना में स्मोंटी सिंह, भानू सिंह, पिंटू सिंह, विकास सिंह एवं पप्पू यादव का नाम बताए हैं।
मच गई अफरा-तफरी
घटना स्थल में मौजूद लोगों ने बताया कि फिल्मी स्टाइल में बदमाशों ने कार के सामने बाइक लगाई। इसके बाद दोनों तरफ से ताबड़तोड़ गोलियां चलने लगी। घटना स्थल के करीब एक दर्जन से अधिक पिस्टल के खाली खोखे मिले हैं। घटना स्थल पर खून के निशान भी पड़े हैं।
न्यायालय परिसर में हो चुका है हमला
गैंगवार में घायल संजय द्विवेदी पर एक साल पहले न्यायालय परिसर में हमला हुआ था। अधिवक्ताओं ने साहस दिखाते हुए परिसर में गोली चलाने वाले आरोपी को धरदबोचा था। बताया जा है कि इस घटना में शामिल दोनों शातिर अपराधी हैं, जिनके विरुद्ध कई मामले पुलिस थानों में दर्ज है।
कार के अंदर मिली गोलियां
घटना में शामिल कार के अंदर से निरीक्षण के दौरान पुलिस ने तीन गोलियां जब्त की है। इनमें एक गोली जहां कार में फंसी है, वहीं पुलिस को पिछली सीट पर दो गोलियां धंसी मिली है। हालांकि पुलिस ने घायल आरोपियों से किसी प्रकार का हथियार बरामद नहीं किया है।
घटना के बाद तनाव
घटना में घायल बदमाशा संजय द्विवेदी के अस्पताल पहुंचने पर अस्पताल में लोगों की भीड़ लग गई। तनाव की स्थिति को देखते अस्पताल में तत्काल एएसपी, सीएसपी और सिविल लाइन थाना प्रभारी सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंच गया। वहीं, एफएसएल टीम ने भी मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।
बदमाशों की पुलिस नहीं कर रही निगरानी
गैंगवार की घटना ने पुलिस की गुंडे-बदमाशों की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हंै। दरअसल, लगातार आपराधिक मामलों में लिप्त इन आरोपियों की पुलिस कोई भी मॉनिटरिंग नहीं करती है। यही कारण है कि वह बदमाश खुलेआम हथियार से लेकर सडक़ों पर घूम रहे हैं और पुलिस को इनकी गतिविधियों के विषय में कोई जानकारी नहीं है।
वसूल रहे रंगदारी
शहर में इस तरह कई बदमाशों को गिरोह सक्रिय हो गया है जो घटनाओं को अंजाम देने के बाद रंगदारी वसूल रहे हैं। इसी रंगदारी से बदमाश लग्जरी कार व विलासिता की जिंदगी जी रहे है।
कुछ दिन पहले हुई थी रिहाई
संजय द्विवेदी रॉक पर हत्या का प्रयास, लूट, मारपीट एवं डकैती अपहरण के आधा दर्जन से अधिक मामले जिले के थानों पर दर्ज है। इस पर पुलिस ने संजय द्विवेरी में रासुका के तहत सागर जेल भेज दिया था। कुछ महीने पहले ही उसे सागर जेल से रिहाई मिली है। पुलिस कलेक्टर के माध्यम से आरोपी के विरुद्ध रासुका बढ़ाने का आवेदन दिया था लेकिन अवधि नहीं बढ़ी। इसी तरह स्मोंटी सिंह पर भी दो दर्जन से अधिक हत्या का प्रयास, लूट, डकैती, अपहरण के मामले दर्ज है।
पेशी में आया था युवक
पुलिस के अनुसार के संजय द्विवेदी उर्फ रॉक अपने साथी राहुल के साथ आज 307 के मामले में पेशी के लिए इंदौर से आया था। पेशी करने के बाद वह गुप्ता पेट्रोल पंप के पास कार में बैठे थे। इसी दौरार स्मोंटी सिंह अपने छह साथियों के साथ जान से मारने फायर कर दिया ।
-----------------
आकृति टॉकीज के पास गोली चली हैं, इसमें खोखे बरामद हुए हैं। दो घायलों को बयान के आधार पर पांच लोगों को नामजद किया गया है। जल्द ही सभी आरोपी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे। घटना के पीछे अभी पुरानी रंजिश सामने आ रही है।
आशुतोष गुप्ता, एएसपी रीवा