- लोगों ने कहा पहले मीटर की तकनीकी जांच कराई जाए, इसके बाद लगाए जाएं
रीवा। शहर में लगाए जा रहे बिजली के नए स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं ने आपत्ति दर्ज कराई है। कई मोहल्लों में लगाए गए मीटर पहले की तुलना में कई गुना अधिक तेज गति से चल रहे हैं। इसको लेकर विरोध तेज हो गया है। नेहरू नगर मोहल्ले से नए मीटर लगाने की शुरुआत की गई है। लोगों ने कहा है कि जब तक मीटर की तकनीकी जांच नहीं कराई जाएगी तब तक वह नहीं लगाने देंगे।
उपभोक्ताओं के बढ़ते विरोध की वजह से मीटर लगाने पहुंचे ठेका कंपनी के कर्मचारियों को वापस लौटना पड़ा। कुछ उपभोक्ताओं के विरोध के चलते स्मार्ट को निकालकर फिर से उनका पुराना मीटर ही लगाना पड़ा। इस विरोध के चलते बिजली कंपनी के कर्मचारी दिनभर परेशान रहे।
यह विरोध किसी एक मोहल्ले तक सीमित नहीं है। कई जगह से विरोध शुरू हो गया है। कई वार्डों के लोगों ने कहा है कि सरकार एक ओर मुफ्त की योजनाएं बांट रही है और दूसरी ओर उपभोक्ताओं के लिए नई आर्थिक समस्या उत्पन्न कर रही है। जिस गति से मीटर चल रहा है उससे हर घर में महीने पांच से छह सौ यूनिट से अधिक मीटर चलेगा और इसकी बड़ी रकम चुकानी होगी।
- गैर भाजपाई पार्षदों के वार्डों में शुरुआत करने का आरोप
नया मीटर लगाने की शुरुआत शहर के चार प्रमुख वार्डों से की गई है। जिसमें वार्ड छह, १३, १४ एवं १५ शामिल हैं। इन वार्डों से यह भी आरोप सामने आए हैं कि प्रयोग के तौर पर गैर भाजपा पार्षदों के वार्ड को चुना गया है। कांग्रेस पार्षद धनेन्द्र सिंह, रवि तिवारी, पूर्व पार्षद अशोक पटेल आदि ने कहा है कि राजनीतिक साजिश के तहत लोगों को परेशान किया जा रहा है। जनता से जुड़े इस प्रमुख मुद्दे पर जरूरत पड़ी तो सड़क पर प्रदर्शन भी किया जाएगा।
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नए मीटर को लेकर विभाग का यह है दावा
स्मार्ट मीटर को लेकर एक ओर जहां उपभोक्ताओं की ओर से आपत्तियां उठाई जा रही हंै। वहीं दूसरी ओर विभाग का दावा है कि यह आधुनिक मीटर है, इससे उपभोक्ताओं को कई तरह की सुविधाएं मिलेंगी। जिसमें नया स्मार्ट मीटर रीडिंग और डाटा सीधे विभाग के सर्वर को भेजेगा। मीटर रीडर का काम अब खत्म हो जाएगा। मीटर में बढ़ते रीडिंग के बारे में भी उपभोक्ताओं को बीच-बीच में मैसेज के जरिए अपडेट मिलती रहेगी। १०० यूनिट तक सब्सिडी योजना लागू है, इसलिए १०० यूनिट पहुंचने से पहले और इसके पूरे होने की जानकारी उपभोक्ता को मिलेगी। ताकि वह चाहें तो बिजली का खर्च कम कर सकते हैं। नया मीटर पूरे प्रदेश में बदला जाना है। सतना और रीवा से इसकी शुरुआत हुई है। पहले नगरीय क्षेत्रों में मीटर बदले जाएंगे इसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों में भी बदलाव किया जाएगा।
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लोगों ने नए मीटर पर दर्ज कराई आपत्ति
पांच छह यूनिट पहले मीटर चलता था, अब 15 से 20 यूनिट चल रहा है। तीन दिन में 60 यूनिट चल चुका है। ऐसे में महीने भर में कई हजार बिल आएगा। महंगाई के दौर में आम आदमी की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। पहले मीटर का परीक्षण कराया जाए फिर लगाएं हमें कोई आपत्ति नहीं होगी।
पुष्कर अवस्थी, निवासी नेहरू नगर
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हमें पता ही नहीं चला और बिना किसी सूचना के मीटर बदल दिया गया। इसमें आपत्ति नहीं है लेकिन छोटी से दुकान में जहां पहले मुश्किल से एक यूनिट खपत होती थी, अब पांच यूनिट से अधिक हर दिन मीटर चल रहा है। हम समय पर बिल देते हैं, इसलिए मीटर भी सही होना चाहिए।
गीता सिंह, निवासी नेहरू नगर
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वार्ड में नए स्मार्ट मीटर लगाने की लोगों ने जानकारी देकर बताया है कि यह बहुत तेज चल रहा है। इसलिए हमने भी मांग उठाई है कि पहले इन मीटर की तकनीकी जांच कराई जाए। नेहरू नगर को प्रयोगशाला नहीं बनाएं। मंत्री, सांसद, महापौर के मोहल्लों में पहले इसका प्रयोग हो।
नम्रता संजय सिंह, पार्षद वार्ड 13
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बड़ी योजना के तहत मीटर बदलने का काम शुरू हो गया, किसी को बताया नहीं गया। नए मीटर काफी तेज चल रहे हैं, इससे उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ेगा। यह प्रयोग साजिश के तहत गैर भाजपाई पार्षदों के वार्डों में शुरू किया गया है। मीटर की तकनीकी जांच हो, जब उपभोक्ता भी संतुष्ट हो जाएं तो बदला जाए अन्यथा विरोध होगा।
रवि तिवारी, पार्षद वार्ड14
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नई व्यवस्था है उपभोक्ता सही तरीके से समझ नहीं पा रहे हैं। यह मीटर काफी फायदेमंद रहेगा। मीटर की रीडिंग सीधे विभाग तक पहुंचेगी और उसी के आधार पर बिल जारी होगा। अभी तक मीटर रीडर पर आरोप होते थे कि मनमानी करते हैं। उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ही इसे लगाया जा रहा है। जहां शंका है लोगों को फायदे समझाएंगे।
नरेन्द्र मिश्रा, कार्यपालन यंत्री शहर संभाग(बिजली)