भोपाल से रीवा पहुंचीं राज्य खाद्य आयोग के सदस्यों की टीम, अध्यक्ष ने कहा-एनआरसी केंद्र में स्पेश बढ़ाने सरकार को सौंपेगे रिपोर्ट
रीवा. जिले में मध्याह्न भोजन की गड़बड़ी भोपाल तक पहुंची। आखिकार मध्याह्न भोजन की व्यवस्था देखने के लिए मंगलवार को राज्य खाद्य आयोग के सदस्यों की टीम रीवा पहुंचीं। आयोग के अध्यक्ष सेवानिवृत्त एसीएस आरके स्वाई की अगुवाई में टीम केंद्रीयकृत रसोइ घर सहित एनआरएसी और पीटीएस गोदाम का निरीक्षण किया। सबसे पहले सदस्य केंद्रीयकृत रसोई घर पहुंचे। सदस्यों ने मशीन से रोटियां बनवाई और उसकी गुणवत्ता की जांच की। इस दौरान सदस्यों ने मेन्यू के अनुसार भोजन और उसके परिवहन आदि की गुणवत्ता परखी के साथ ही कक्ष की साफ-सफाई का निर्देश दिया।
केंद्रीयकृत रसोईघर में कैमरे बढ़ाने दिए निर्देश
टीम सुबह पौने ग्यारह केंद्रीयकृत रसोई घर पहुंचीं। पकाए गए भोजन की क्वालिटी देखा और चखा। रोटियां जली दिखने पर सदस्यों ने रोटियां दोबारा बनवाकर देखा, इस दौरान छोले में चना की मात्रा कम पाये जाने पर ठीक करने का निर्देश दिया और कहा कि पूरा सिस्टम सीसीटीवी कैमरे में रखा जाए। निरीक्षण के दौरान रोटियां बनने के बाद कैमरे में नहीं दिख रही थी, कैमरे बढ़ाने के निर्देश दिए। इस दौरान चेयरमैन ने बैक डेट के भी भोजन बनाने की व्यवस्थ को सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से देखा। गंदगी पर नाराजगी जताते हुए सदस्यों ने हर सप्ताह कक्ष की डिटर्जन से धुलाई करने का निर्देश दिए।
एनआरसी में जगह बढ़ाने सरकार को देंगे प्रस्ताव
इस दौरान पत्रिका से बातचीत में सदस्यों ने बताया कि स्थानीय स्तर पर गठित की गईं निगरानी समितियां सक्रिय करने और एनआरसी में जगह बढ़ाने सरकार को देंगे सुझाव देंगे। टीम के साथ जिला खाद्य नियंत्रक बालेन्द्र शुक्ला, नान के प्रतिनिध क्वालिटी इपेक्टर जीएल गुप्ता, एफसीआइ से आरएस गुप्ता, वेयर हाउस के जिला प्रबध्ंाक सीएम मिश्र, शाखा प्रबंधक संतोष खलको सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
सदस्यों के सामने एनआरसी में भर्ती हुए चार कुपोषित
सेंट्रल किचेन देखने के बाद राज्य खाद्य आयोग की टीम जिला पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) पहुंचीं। सदस्यों के सामने चार कुपोषितों को भर्ती किया गया। टीम के सदस्यों ने कुपोषित बच्चों और उनकी मां को मिलने वाली सुविधाओं को देखा। केंद पर १२ बच्चे पहले से भर्ती थे। कुल मिलाकर सोलह हो गए। शेष रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया चल रही थी। सदस्यों ने भोजन व्यवस्था के साथ ही सरकार की ओर से दी जा रही योजनाओं की जानकारी ली। पहली बार भर्ती होने वाले बच्चें की मां को 120 रुपए प्रतिदिन की दर से दिया जा रहा, दोबारा भर्ती होने पर ५० रुपए प्रति दिए जाने की जानकारी ली। इस दौरान सदस्यों ने बच्चों की मामाताओं से भी जानकारी ली।
पीटीएस गोदाम में परखी गुणवत्ता, फारमेल्टी बर्दास्त नहीं
खाद्य आयोग की टीम पीटीएस गोदाम पहुंचीं। गोदाम से दुकानों के लिए भेजे जा रहे चावल की गुणवत्ता परखी। जांच के दौरान चावल में कीड़े मिलने पर सदस्य नाराज हुए, नमी और प्रापर जांच प्रपत्र भी मांगे। जांच के दौरान २२ प्रतिशत चावल टूटा पाया गया। चावल बदरंग मिलने पर गुणवत्ता ठीक करने का निर्देश दिए। सदस्यों ने सुझाव दिए कि गोदाम की लॉट नंबर और बोरों में टैग नंबर लगाएं। जांच के दौरान लिए गए सेंपल की डिटेल जानकारी रखी जाए। जांच में फारमेल्टी बर्दास्त नहीं की जाएगी।