विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट के न्यायालय ने सुनाया फैसला
रीवा। एनडीपीएस एक्ट के मामले में आरोपी को न्यायालय ने कारावास व अर्थदण्ड की सजा से दंडित किया है। मामला चोरहटा थाना क्षेत्र का था। 13 नवम्बर 2020 को मुखबिर की सूचना पर चोरहटा थाने की पुलिस ने नशीली सिरप की खेप पकड़ी थी। दो आरोपी बोरियों में भरकर नशीली सिरप लेकर आ रहे थे।
चोरहटा पुलिस ने पकड़ी थी 400 शीशी सिरप
चोरहटा थाने की पुलिस ने घेराबंदी की तो पीछे बैठा आरोपी कूदकर भाग दिया जबकि एक आरोपी रवि सिंह परिहार पिता लालजी सिंह परिहार 21 वर्ष निवासी अमरैया थाना चोरहटा पुलिस के हांथ लग गया। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत पुलिस ने प्रकरण पंजीबद्ध किया। एक आरोपी चंद्रभान सिंह पटेल उर्फ चंदू पिता शिवचरण सिंह पटेल सगौनी थाना रामपुर बघेलान को भी गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने जांच पूरी कर चालान विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट के न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। शासन की ओर से पैरवी लोक अभियोजक शशि तिवारी ने की। उन्होंने न्यायालय में दलील दी कि अपराध गंभीर प्रवृत्ति का है जिससे समाज नशे का आदी हो रहा है। इसलिए आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाये।
साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने सुनाई सजा
न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी रवि ङ्क्षसह परिहार पर दोष सिद्ध पाया। उसे दस वर्ष के सश्रम कारावास व एक लाख रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया गया है। अर्थदण्ड जमा न करने पर उसे एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। एक आरोपी चंद्रभान सिंह को न्यायालय से साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। वहीं एक आरोपी मोहित मिश्रा पिता वंश मिश्रा निवासी पटना थाना बैकुंठपुर घटना दिनांक से ही फरार है।
जेठानी को जलाने वाली महिला को तीन वर्ष कारावास व 10 हजार का जुर्माना
घरेलू विवाद में जेठानी पर गर्म पानी डालकर उन्हें जलाने वाली देवरानी को न्यायालय ने कारावास व अर्थदण्ड की सजा सुनाई है। पूनम मिश्रा पति अशोक कुमार मिश्रा 27 वर्ष निवासी पैपखरा थाना रायपुर कर्चुलियान का अपनी जेठानी रेनू मिश्रा ने विवाद हुआ था। इस रंजिश में उसने जेठानी पर 20 जून 2018 को खौलता हुआ पानी डाल दिया था जिससे महिला का पूरा शरीर झुलस गया था। चिल्लाने पर परिवार की महिला आई और उसके कपड़े बदलवाए। बाद में उसे इलाज के लिए एसजीएमएच में भर्ती कराया गया। रायपुर कर्चुलियान थाने में अपराध पंजीबद्ध कर पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश किया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुना और देवरानी पूनम मिश्रा पर अपराध सिद्ध पाया। उसे तीन वर्ष का सश्रम कारावास व दस हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया गया है। अभियोजन की ओर से पैरवी लोक अभियोजक शशि तिवारी ने की।