127 Gahoi youths chose educated life partners who supported their families; three daughters introduced themselves from the stage.
शनिवार को आदर्श गार्डन में गहोई समाज का परिचय सम्मेलन हुआ। 42 वर्षों के बाद इस सम्मेलन में देशभर से आए युवकों ने मंच से अपनी बेबाक राय रखी। सम्मेलन में युवकों के परिवार को साथ लेकर चलने वाली पढ़ी-लिखी जीवनसाथी को अपनी पसंद बताया, वहीं मंच से परिचय देने से युवतियों को आज भी झिझक हुई।
सम्मेलन में 130 युवक-युवतियों ने मंच से परिचय दिया। इसमें केवल 3 युवतियां ही मंच से परिचय देने के लिए पहुंची। जीवनसाथी की तलाश में जबलपुर, मंडला, कटनी, महुरानीपुर, छिंदवाड़ा, नागपुर और दिल्ली से युवक पहुंचे। शादी के लिए जीवनसाथी तलाश करने में लडक़ों की संख्या अधिक रही।
सम्मेलन में 49 वर्ष के युवक भी परिचय देने के लिए पहुंचे। सागर जिले के अधिकांश युवा ग्रामीण क्षेत्रों के शामिल थे, जिन्हें शादी के लिए लड़कियां नहीं मिल रही थी। सम्मेलन के माध्यम से कई रिश्ते तय होते दिखे। माता-पिता आसानी से रिश्तों की बात कर सके। अध्यक्ष सुरेंद्र सुहाने ने बताया कि सामाजिक समरसता बढ़ाने सामूहिक विवाह सम्मेलन 42 साल बाद हुआ। प्रचार-प्रसार समिति संयोजक शरद गुप्ता ने बताया कि परिचय सम्मेलन में युवक-युवतियों ने मंच से भावी जीवन साथी चुनने परिचय दिया। समाज ने परिचय देने वाले युवक-युवतियों को सम्मानित किया गया।
विवाह समिति अध्यक्ष मनोज डेंगरे ने बताया कि सुबह 10 बजे सामूहिक विवाह कार्यक्रम होगा। सम्मेलन में 5 वर-वधू परिणय सूत्र में बधेंगे। मंत्री डॉ. संजीव कठल ने बताया कि सम्मेलन में देशभर से करीब दो हजार लोगों ने भाग लिया। समारोह में 50 हजार से अधिक सहयोग करने वाले सामाजिक बंधुओं के लिए गहोई भामा शाह सम्मान से सम्मानित किया गया स्वागत भाषण निकेश गुप्ता ने दिया। राष्ट्रीय अध्यक्ष रामगोपाल छिरोलया का परिचय दिया और संदेश वाचन किया। समाज के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम में गहोई वैश्य समाज के संरक्षक नर्मदा प्रसाद ददरया, ओमप्रकाश रूसिया, संचालक मंडल अध्यक्ष सुरेन्द्र सुहाने, उपाध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र चउदा, कोषाध्यक्ष वीरेंद्र सुहाने, सह सचिव सचिन सिपोलिया, राजेन्द्र कुरेले, मोहन लाल रूसिया, सुधीर झुड़ेले, आनंद ददरया, रमेश इटोरिया , महेश इटोरिया, प्रद्युम्न छिरोलिया, आशीष ददरया, अटल सरावगी व अनिल चौदहा आदि शामिल हुए।