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बीना-खुरई में रोज जलापूर्ति, सागर, मकरोनिया, रहली, देवरी में एक दिन छोड़कर तो बंडा में 5-6 दिन में मिल रहा पानी

Daily water supply in Bina-Khurai, every alternate day in Sagar, Makronia, Rahli, Deori, and every 5-6 days in Banda.

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सागर

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Rizwan ansari

May 02, 2026

जिले में पेयजल व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। सागर नगर निगम और मकरोनिया नगरपालिका में पिछले वर्षों में जल परियोजनाओं, पाइपलाइन विस्तार, टंकियों और सप्लाई व्यवस्था पर करीब 400 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। इसके बावजूद शहरी क्षेत्र के करीब 8 लाख लोगों को नियमित रूप से जलापूर्ति संभव नहीं हो पाई है। इधर संभागीय मुख्यालय सागर के बीना व खुरई नगर पालिकाएं अपने क्षेत्र में प्रतिदिन जलापूर्ति कर रही हैं। जिले में सबसे ज्यादा खराब स्थिति बंडा क्षेत्र की है, जहां लोगों को 5 से 6 दिन में पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।

सागर- सागर नगर निगम में 299 करोड़ से अमृत योजना के तहत कायाकल्प प्रोजेक्ट पूरा हुआ है। इस प्रोजेक्ट के तहत निगम क्षेत्र में चौबीस घंटे पेयजल उपलब्ध कराने का दावा किया गया था, लेकिन 30 दिन में शहरवासियों को मात्र 15 घंटे ही पानी मिल रहा है।

मकरोनिया- मकरोनिया नपा क्षेत्र में करीब 100 करोड़ से पेयजल नेटवर्क बिछाया गया है। मकरोनिया के सेमराबाग, बड़तूमा आदि क्षेत्रों में अभी भी पेयजल संकट की स्थिति है। यहां पर एक-एक दिन छोड़कर जलापूर्ति की जा रही है।

बंडा- नगर में वर्तमान में 5-6 दिनों में जल सप्लाई की जा रही है। कहने को तो एक-डेढ़ घंटे नल खुलते हैं, लेकिन कई स्थानों पर प्रेशर की समस्या है, जिससे कारण लोगों को रात में हैंड पंपों से पानी भरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

खुरई- यहां शहरी क्षेत्र में प्रतिदिन पानी की सप्लाई हो रही है और करीब 45 मिनट तक पानी आता है। नपा के अधिकारियों का कहना है कि उनके पास पर्याप्त पानी उपलब्ध है और यदि मानसून देर से भी आया तब तक नगर में पानी की समस्या नहीं होगी।

बीना- बीना में भी हर रोज पानी की सप्लाई हो रही है। यहां करीब एक घंटे तक सप्लाई की जाती है। नदी में पर्याप्त पानी है, जिससे आने वाले दिनों में भी पानी की कमी नहीं आएगी।

देवरी नगर में एक दिन छोड़कर जलापूर्ति की जा रही है। यहां डेढ़ घंटे तक पानी की सप्लाई हो रही है। जलप्रदाय प्रभारी मनोज गुरु ने बताया कुछ पाइपलाइन करीब 30 से 35 वर्ष पुरानी है, इसलिए उसे बंद किया जाना है, लेकिन गर्मी का सीजन देखते हुए कभी-कभी आधे घंटे के लिए उससे सप्लाई की जा रही है।

हमने पहली बार जलापूर्ति का समय तय किया है। एक दिन छोड़कर शहर में जलापूर्ति जरूर हो रही है, लेकिन समय तय है। राजघाट की अप स्ट्रीम में एक बांध प्रस्तावित है, जैसे ही इसका विस्तार होगा तो प्रतिदिन जलापूर्ति संभव हो पाएगी।

राजकुमार खत्री, निगमायुक्त