
मस्जिद वार्ड में किया गया डामरीकरण। फोटो-पत्रिका
बीना. नगर पालिका में पिछले कुछ वर्षों से कम दामों पर टेंडर डाले जा रहे हैं, जिससे गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं हो पा रहा है। कई कार्य ऐसे भी हैं, जो बाहर के ठेकेदार लेकर स्थानीय ठेकेदारों को दे देते हैं। इसके बाद भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
नगर पालिका में कार्य लेने ठेकेदारों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है और वह काम लेने के लिए 25 प्रतिशत तक कम दामों पर टेंडर डाल रहे हैं। कम दामों पर टेंडर डालने से कार्य में गुणवत्ता होने की कोई गारंटी नहीं रहती है। कुछ दिनों पूर्व शहर की मुख्य सडक़ सहित शहर के वार्डों में डामरीकरण के लिए पांच करोड़ रुपए का टेंडर हुआ है, जो 22 प्रतिशत कम दामों पर लिया गया है। साथ ही ठेकेदार के पास डामर प्लांट न होने के कारण स्थानीय ठेकेदार से यह कार्य कराया जा रहा है। टेंडर के तहत मस्जिद वार्ड में डामरीकरण हुआ था, जिसमें घटिया निर्माण के आरोप लगे थे और नगर पालिका में शिकायत भी की गई है। यदि इस तरीके से कार्य हुए, तो कुछ माह बाद ही लेयर उखड़ जाएगी। पुराने कार्यों से भी नगर पालिका अधिकारियों से सबक नहीं लिया है। उपयंत्री जांच के नाम पर सिर्फ रस्म आदायगी करते हैं।
छोड़ रहे अधूरे काम
शहर में ऐसे भी बहुत से काम हैं, जो कम दामों पर लेकर ठेकेदार अधूरे छोडकऱ चले जाते हैं। सुपर मार्केट में बनने वाले सुलभ कांप्लेक्स का टेंडर चार वर्ष पहले हुआ था और ठेकेदार अधूरा कार्य छोडकऱ चला गया था, जिससे दूसरी बार टेंडर जारी कर काम पूरा कराया गया। इसी प्रकार शहर में सीसी रोड, नाली निर्माण के कार्य भी इसी तरह किए जा रहे हैं, जिनमें दूसरी और तीसरी बाहर टेंडर हुए हैं। इसके बाद भी इस व्यवस्था में सुधार नहीं किया जा रहा है।
लिखित में नहीं है जानकारी
टेंडर लेकर किसी दूसरे व्यक्ति को काम देने की लिखित में कोई जानकारी नहीं है। ऐसे मामले सामने भी नहीं आए हैं। डामर का प्लांट ठेकेदार के पास न होने से स्थानीय व्यक्ति से कार्य कराया जा रहा है, जिसकी गुणवत्ता की जांच की जा रही है।
जयदीप शाक्यवार, उपयंत्री, नगर पालिका
Published on:
02 May 2026 11:52 am
