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किराएदारों का नहीं हो रहा सत्यापन, थाने में लोग नहीं दे रहे जानकारी

अनुमानित पांच हजार परिवार किराए पर, पुलिस रिकॉर्ड में हर माह केवल पांच लोग दे रहे जानकारी, दूसरे शहरों से आए अपराधी भी हो सकते हैं किराएदार, घटना को अंजाम देने पर पुलिस नहीं कर पाएगी तलाश

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Tenants are not being verified, people are not giving information at the police station.

फोटो। एआई

बीना. शहर की विभिन्न कॉलोनियों में बड़ी संख्या में परिवार किराए के मकानों में रह रहे हैं, लेकिन इनका रिकॉर्ड थाने में उपलब्ध नहीं है। मकान मालिकों की लापरवाही और सतत निगरानी के अभाव के कारण पुलिस को यह स्पष्ट जानकारी नहीं है कि शहर में कितने परिवार किराए पर निवास कर रहे हैं, वह किस स्थान से आए हैं और यहां किस प्रकार का व्यवसाय या नौकरी कर रहे हैं।

पिछले वर्षों में अन्य शहरों के अपराधियों के पकड़े जाने के बाद अधिकारियों ने थाना प्रभारियों को निर्देश दिए थे कि किराएदारों की सूची तैयार कर उनका सत्यापन कराया जाए, ताकि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो सके। कुछ समय तक यह अभियान चला, लेकिन बाद में यह प्रक्रिया ठंडे बस्ते में चली गई।

जानकारी के अनुसार बीना शहर में अनुमानित पांच हजार से अधिक परिवार किराए के मकानों में निवास कर रहे हैं, जबकि थाने में हर माह महज चार से पांच लोग ही किराएदारों की जानकारी दे रहे हैं। आमतौर पर मकान मालिक किराएदार या नौकर का पुलिस सत्यापन कराने से बचते हैं। कई लोग थाने तक जाने की प्रक्रिया से कतराते हैं, जिससे आवश्यक जानकारी पुलिस तक नहीं पहुंच पाती है।

15 दिन से अधिक समय से रहने वालों की देनी पड़ती है जानकारी

नियमानुसार मकान मालिकों को किराएदार का वोटर आईडी, मूल निवास स्थान और अन्य आवश्यक विवरण लिखित रूप में थाने में देना अनिवार्य है। छात्रावासों में रहने वाले छात्र-छात्राएं, होटल-लॉज व धर्मशालाओं में ठहरने वाले व्यक्ति, निर्माण कार्य में लगे मजदूर, पेइंग गेस्ट व 15 दिन से अधिक समय तक रहने वालों की सूचना देना भी जरूरी है। नियमों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई का प्रावधान है।

रिफाइनरी में काम करने वाले हजारों लोग रह रहे शहर में

रिफाइनरी में बड़ी संख्या में कंपनियां काम करने के लिए आई हैं, जिनमें हजारों की संख्या में लोग काम करने के लिए आए हैं, जो कि शहर में आकर ही किराए से रह रहे हैं, लेकिन इनकी जानकारी पुलिस के पास नहीं हैं।

करेंगे जागरूक

ठेकेदारों और शहर के लोगों के साथ बैठक कर लोगों को जागरूक किया जाएगा। जानकारी नहीं देने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अनूप यादव, थाना प्रभारी, बीना