सिविल लाइन वार्ड स्थित इंद्रानगर में नगर निगम के ब्रांड एम्बेसडर के घर 22 दिन में दूसरी बार नल से कीड़े निकलने का मामला सामने आया है। जहां निगम के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर मनीष बोहरे ने निगम के अधिकारियों को चेतावनी दी कि वह अपना पद छोड़ रहे हैं, क्योंकि हम अपने ही घर पर […]
सिविल लाइन वार्ड स्थित इंद्रानगर में नगर निगम के ब्रांड एम्बेसडर के घर 22 दिन में दूसरी बार नल से कीड़े निकलने का मामला सामने आया है। जहां निगम के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर मनीष बोहरे ने निगम के अधिकारियों को चेतावनी दी कि वह अपना पद छोड़ रहे हैं, क्योंकि हम अपने ही घर पर साफ पानी नहीं दिलवा पा रहे हैं।
ब्रांड एम्बेसडर की चेतावनी के बाद निगम अमला हरकत में आया। अधिकारियों ने ब्रांड एम्बेसडर को मनाया और आनन-फानन में टाटा एजेंसी के कर्मचारी व निगम के इंजीनियर मौके पर पहुंचे। मनीष बोहरे का नल कनेक्शन अलग लाइन से कराया गया और पूरी लाइन की फिर से जांच कराई गई।
दरअसल, 29 मार्च को भी मनीष बोहरे के घर के नल कनेक्शन में 2 गौंच (कीड़े) निकले थे, जिसके बाद जब मामला सुर्खियों में आया तो यहां टाटा एजेंसी ने पाइपलाइन की सफाई की गई थी। हांलांकि पाइप लाइन में कोई गंदगी नहीं मिली थी। पानी के सैंपल भी लिए गए थे और जांच में पानी साफ बताया था। कर्मचारियों ने बताया था कि नल कनेक्शन में ही समस्या थी, जिसे दूर कर दिया है, लेकिन रविवार 19 अप्रेल को फिर से मनीष बोहरे के नल से गौंच निकलीं।
स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर मनीष बोहरे ने बताया कि 29 मार्च के बाद एक बार और बीच में नल से गौंच निकली थी, उसकी शिकायत भी की थी, लेकिन रविवार को जब तीसरी बार नल से गौंच निकलीं तो मुझे लगा कि शहर में आम लोग पेयजल की शुद्धता पर सवाल उठा रहे हैं तो निश्चित ही यह बड़ी समस्या है और इसका समाधान होना चाहिए। उन्होंने निगम में ब्रांड एम्बेसडर के पद छोड़ने की बात कही थी। वहीं निगम की जल प्रदाय शाखा ने कहा कि ब्रांड एम्बेसडर के घर दूसरी लाइन से नया कनेक्शन कर दिया गया है। अब ब्रांड एम्बेसडर इस्तीफा नहीं दे रहे हैं।
शहर में करीब 46 किमी पुरानी लाइन में लीकेज का खुलासा पहले ही हो चुका है, वहीं टाटा एजेंसी द्वारा डाली गई नई लाइनों से भी दूषित जल सप्लाई होने की रोज शिकायतें आ रहीं हैं। नगर निगम के पार्षद लगातार निगमायुक्त से शिकायतें कर रहे हैं। परिषद की बैठक में भी हंगामा हो चुका है, लेकिन शहर में दूषित जल सप्लाई पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। जो 46 किमी लाइन बदली जाना थी, अभी तक उसके टेंडर ओपन नहीं हुए हैं।