सागर

मुआवजा और पट्टों की अनदेखी पर फूटा गुस्सा, परियोजना के नाम पर उजड़े 20 परिवार, वर्षों से भटक रहे राहत राशि के लिए

आसौली घाट के ग्रामीणों का शासन के खिलाफ प्रदर्शन, बीना नदी परियोजना में चले गए मकान और जमीन
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Dec 25, 2025
Anger erupts over compensation and lease payments; 20 families displaced in the name of the project, struggling for years to receive relief funds.
शिकायत करने पहुंचे ग्रामीण

बीना. आसौली घाट गांव में बीना परियोजना के चलते उजड़े ग्रामीणों का सब्र आखिरकार टूट गया। वर्षों से मुआवजा और पट्टों के लिए भटक रहे ग्रामीणों ने बुधवार को खुरई पहुंचकर शासन, प्रशासन की उदासीनता के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बीना परियोजना के नाम पर उनसे उनके पुश्तैनी मकान और जमीन छीन लिए गए, लेकिन बदले में शासन ने आज तक न तो जमीन पर वास्तविक कब्जा दिया और न ही स्वीकृत मुआवजा राशि का भुगतान किया। प्रभावित करीब 20 परिवार सरकारी फाइलों के चक्कर में सालों से दर-दर भटक रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शासन केवल कागजी राहत दिखाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है। विस्थापित परिवार आज भी अस्थायी ठिकानों पर रहने को मजबूर हैं। यदि समय रहते मुआवजा और पट्टे मिल जाते, तो वह अपने मकान बनाकर सुरक्षित जीवन जी सकते थे।

जमीनी स्तर पर नहीं होती कार्रवाई
किसानों ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार ज्ञापन और आश्वासन के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। शासन की यह लापरवाही डूब प्रभावित परिवारों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही मुआवजा राशि का भुगतान और पट्टों का वितरण नहीं किया गया, तो वह बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

Updated on:
25 Dec 2025 12:00 pm
Published on:
25 Dec 2025 11:59 am