डॉक्टरों की सलाह अस्थमा के मरीज सर्दी में न निकलें बाहर
बीना. कड़ाके की सर्दी और कम होते तापमान से दमा की बीमारी ने भी पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। अस्पतालों में इलाज के लिए जाने वाला हर पांचवां व्यक्ति दमा से पीडि़त है। वहीं लोग सर्दी-जुकाम की बीमारी से ग्रसित हैं। अस्पतालों में रोजाना मरीज उपचार कराने के लिए पहुंच रहे हंै। शुक्रवार व शनिवार को सिविल अस्पताल में पहुंचे मरीजों में करीब दो दर्जन से अधिक लोग दमा के शिकार थे। इन्हें डॉक्टरों ने बीमारी से बचाव के तरीके बताने के बाद प्राथमिक उपचार किया। सर्दी के कारण कई लोग दमा की बीमारी की जद में आ रहे हैं। सरकारी व निजी अस्पतालों में रोजाना मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। सिविल अस्पताल में ्रप्रतिदिन करीब दो सौ मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें से करीब दो दर्जन मरीज सांस न ले पाने की तकलीफ से पीडि़त हैं। जिनका प्राथमिक उपचार करते हुए उन्हें बीमारी से बचने के तरीके भी बताए गए। दमा रोगियों को सांस लेने में दिक्कत होती है।
ठंड व ठंडी वस्तुएं खाने से करें परहेज
सर्दियों में अस्थमा के मरीजों को तकलीफ ज्यादा होती है जो मरीज अस्थमा से पीडि़त हैं वह ठंड से बचें और ठंडी खाद्य सामग्री से भी परहेज करें। ज्यादा दिक्कत होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
डॉ. आरके जैन, मेडीकल ऑफिसर, सिविल अस्पताल
अस्थमा के लक्षण
-सांस लेने में परेशानी होना
-सांस लेते समय गले में आवाज होनना
-सीने में भारीपन
-सांस फूलना
-परफ्यूम, सुगंधित तेल, पाउडर आदि से एलर्जी होना
बचाव के तरीके
-घर को धुएं और धूल से बचाएं
-इन्हेलर हमेशा अपने साथ रखें
-शरीर को जितना हो सके गर्म रखने का प्रयास करें