
पत्रिका के जन सरोकारों से जुड़े अमृतं-जलम् अभियान के तहत शनिवार को रामबाग मंदिर परिसर में स्थित एक पुराने कुएं को संवारने का कार्य किया गया। इस पुनीत कार्य में कांग्रेस सेवा दल के साथ नगर निगम, केसरवानी महिला सभा और स्थानीय लोगों ने बढ़-चढक़र भाग लिया। यह प्राचीन कुआं लंबे समय से उपेक्षित है। इस प्राचीन कुएं में वर्षों से लोग प्लास्टिक, पुरानी पूजन सामग्री और घरेलू कचरा फेंक रहे थे। सफाई अभियान के दौरान युवाओं ने विशेष उपकरणों की मदद से कुएं के अंदर उतरकर भारी मात्रा में यह सब बाहर निकाला। इस कार्य में कई घंटे लगे। युवाओं की एक टीम ने विशेष रूप से कुएं के अंदर उतरकर उसकी गहन सफाई की। मंदिर में आने वाले ही लोग इसमें कचरा तथा पूजन सामग्री फेंक देते हैं, जिससे इसका पानी दूषित हो रहा है।
रामबाग मंदिर के महतं घनश्याम महाराज ने बताया कि भारतीय संस्कृति और धर्मशास्त्रों में जल को केवल एक प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि 'जीवन', 'अमृत' और 'वरुण देवता' का स्वरूप माना गया है। जल को दूषित करना धार्मिक दृष्टि से बहुत बड़ा पाप और महापाप माना जाता है। जल के अधिपति देवता वरुण हैं। जल को गंदा करना या उसमें मल-मूत्र त्यागना वरुण देवता का अपमान माना जाता है, जिससे व्यक्ति को धन-धान्य की कमी और दरिद्रता का सामना करना पड़ सकता है। इस प्राचीन कुएं की बड़े बाजार के लोग रक्षा करें। इसे सुरक्षित रखना आपकी जिम्मेदारी है।
कांग्रेस सेवा दल से अरविंद राजपूत, अंकुर यादव, खट्टू मराज, रमन श्रीवास्तव, शनि राय करण, दिलीप, ब्रिजेस, शिव, पप्पू, नीरज, संतोष यादव, जगदीश रजक, आदित्य यादव, दीपेश शुक्ला, हरिचरण उपाध्यय, शिवम चौबे, जयदीप यादव, महेश गुप्ता, बबलू बोहरे, शनि सैनी व दिलीप मिश्रा का सहयोग रहा।
नगर निगम से जोन प्रभारी विकास गुरु, उप स्वास्थ्य पर्यवेक्षक प्रकाश ताम्रकार, प्रकाश मिश्रा, नीरज करोसिया, अनिल दुबे, रमेश शोभा, रवि शंकर, नवीन मगन, रितेश राजकुमार, आशु उदयराज, कृष्ण जवाहर, अविनाश, अजय घनश्याम, विजेता देवेंद्र व नीलू सुनील ने श्रमदान किया।
श्रमदान अभियान में वैश्य महासभा के वीनिता केसरवानी, केसरवानी समाज की अध्यक्ष संध्या केसरवानी, रूक्मिणी केसरवानी, मंदिर के पुजारी शिवम चौबे व हरिशरण उपाध्याय ने भी श्रमदान किया।
Published on:
10 May 2026 05:11 pm
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