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छह माह से अलग-अलग रह रहे पति-पत्नी के बीच हुई सुलह, साथ रहने हुए राजी

सिविल न्यायालय में हुआ लोक अदालत का आयोजन, 363 मामलों का हुआ निराकरण,​ जिसमें 600 व्यक्ति लाभांवित हुए, राजीनामा होने पर खुश नजर आए लोग

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Husband and wife, who had been living separately for six months, reconciled and agreed to live together.

अलग-अलग रह रहे पति-पत्नी के बीच कराई सुलह। फोटो-पत्रिका

बीना. न्यायालय परिसर में शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ तहसील विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष व द्वितीय जिला सत्र न्यायाधीश संजय जैन ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान प्रथम जिला सत्र न्यायाधीश देवेंद्र कुंडू, न्यायाधीश शरद जोशी, मीनाक्षी शर्मा जोशी, अधिवक्ता संघ अध्यक्ष रविंद्र जैन आदि उपस्थित थे। लोक अदालत में 363 मामलों का निराकरण हुआ है, जिसमें 600 व्यक्ति लाभांवित हुए।
द्वितीय जिला सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में अलग-अलग रह रहे पति-पत्नी को समझाइश दी गई और वह साथ रहने के लिए तैयार हो गए। गणेश वार्ड निवासी राज पंथी ने न्यायालय में अपनी पत्नी, जो करीब छह माह से मायके में थी, उसको बुलाने के लिए प्रकरण लगाया था। न्यायालय की समझाइश और प्रशिक्षित मध्यस्थ वीरेंद्र प्रजापति के सहयोग से पति-पत्नी साथ रहने के लिए राजी हो हुए। उनकी एक आठ माह की बच्ची भी है। पति की तरफ से अधिवक्ता सीमा जैन और पत्नी की तरफ से अरुण श्रीमाली थे। लोक अदालत में सचिव राहुल माथुर, सह सचिव सूरज सिंह, सुलहकर्ता मानसिंह सैनी, रामराज सिंह, आरती राय, भूपेंद्र राय, केके ताम्रकार, मनीष दीक्षित, महेंद्र सिंह रघुवंशी, नीलेश जैन, दीपेंद्र श्रीवास्तव, अशोक जैन, पीएस ठाकुर, देवराज सिंह आदि उपस्थित थे।

समझाइश देकर मारपीट के मामले में कराई सुलह
न्यायाधीश शरद जोशी के न्यायालय में करीब 63 लंबित प्रकरणों का निराकरण किया गया और करीब 194 बैंक, नगर पालिका से संबंधित प्री-लिटिगेशन मामलों का समझाइश देकर निराकरण कराया गया, जिसमें कुल 2 करोड़ 76 लाख 8 हजार 462 रुपए का अवार्ड पारित किया गया। वहीं, ग्राम जौध में मनमुटाव एवं रास्ते में रखी पत्थरों को लेकर हुए विवाद में मारपीट का हो गई थी। प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन था, जहां न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को समझाइश दी और दोनों पक्षों ने वर्षों पुराने मामले में राजीनामा कर भविष्य में शांतिपूर्वक रहने का संकल्प लिया।

नपा, बैंकों के लगाए गए थे स्टॉल
लोक अदालत में नगर पालिका, बिजली कंपनी और बैंकों के स्टॉल लगाए गए थे, जहां लोगों ने पहुंचकर बकाया बिल, लोन जमा किए। इस दौरान उन्हें ब्याज में राहत दी गई। गर्मी के कारण दोपहर तक 12 बजे तक ज्यादा संख्या में लोग पहुंचे, लेकिन फिर स्टॉल खाली नजर आए।