
ग्रामीणों को परिवहन शुरू होने का इंतजार (Photo Source -Patrika)
Bina Water Level Drop :मध्य प्रदेश के सागर जिले के बीना में एक बार फिर पानी का संकट गहराने लगा है। यहां हर बार गर्मी का मौसम आते ही इलाके के कुछ गांवों में जल संकट गहराने लगता है। इसके बाद भी प्रशासन द्वारा पूर्व से तैयारियां नहीं की जाती हैं, जिसका नतीजा हर बार यही होता है कि, ग्रामीण पानी के लिए मजबूरन इधर-उधर भटकते फिरते हैं। इस साल भी पिछले माह एसडीएम ने बैठक लेकर जल संकट से निपटने के लिए तैयारी करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अबतक कोई प्रयास नहीं किए गए हैं। पीएचई के अनुसार, बीना का जलस्तर 34 मीटर नीचे खिसक गया है।
जानकारी के अनुसार ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले गिरोल, हडकल जैन, उमरिया, जुगपुरा, सलिता में जल संकट गहराने लगा है। यहां जलस्तर गिरने से हैंडपंप और कुएं सूख गए हैं, जिससे ग्रामीणों को खेतों से पानी लाना पड़ रहा है। कई जगहों पर तो हालात इतने खराब हो चुके हैं कि, ग्रामीण डेढ़ से दो किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर हैं।
मामले को लेकर गिरोल गांव के सरपंच हरगोविंद सिंह ने बताया कि, गांव में पांच हैंडपंप हैं, जो सूख गए हैं और अब यहां के लोग खेतों से पानी लाने को मजबूर हैं। जल संकट को लेकर यहां के लोग कलेक्टर, एसडीएम से भी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन पानी का परिवहन शुरू नहीं हुआ है। अगर जल्द व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले समय में पानी की समस्या विकराल रूप धारण कर लेगी। इसी तरह अन्य चार गांवों में भी पानी के लिए ग्रामीण भटक रहे हैं। ये वो पांच गांव हैं, जो अधिकारियों ने चिन्हित किए हैं, इसके अलावा कई गांव ऐसे हैं, जहां पानी की समस्या गर्मियों में होती ही है।
ब्लॉक में पीएचई की 36 नलजल योजनाएं हैं, जिसमें 19 ही हैंडओवर हो पाई हैं। शेष में कार्य चल रहा है और अधिकारी जून के महीने तक इन योजनाओं के चालू होने की बात कह रहे हैं। अगर यह योजनाएं समय पर चालू हो जाती तो संकट की इस घड़ी में ग्रामीणों को राहत मिलती।
जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पाइप लाइन डालने समेत टंकी निर्माण का कार्य किया जा रहा है, लेकिन अभी योजना चालू नहीं हो पाई हैं और अगले साल गर्मियों तक योजना के चालू होने की बात कही जा रही है।
वहीं, व्यवस्थाओं के संबंध में बताते हुए पीएचई, खुरई पीएचई एसडीओ राहुल आरमो का कहना है कि, हैंडपंप बंद होने की सूचना मिलने पर तत्काल सुधार कराया जा रहा है। ज्यादा जलस्तर गिरने पर हैंडपंप में मोटर पंप डालकर पानी सप्लाई करने की व्यवस्था की जा रही है। शेष रह गईं योजनाओं का कार्य भी तेजी से चल रहा है जो जून के महीने तक पूरा कर लिया जाएगा।
बीना जनपद पंचायत के सीईओ प्रदीप पाल का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के परिवहन के आदेश कलेक्टर से अबतक नहीं आए हैं। पंचायतों से जनसहयोग के साथ पानी की व्यवस्था बनाने के लिए कहा गया है। साथ ही पीएचई के अधिकारियों से भी बात की गई है।
Updated on:
09 May 2026 11:45 am
Published on:
09 May 2026 11:45 am
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