सागर

भक्तों को भगवान के प्रति समर्पण मार्ग दिखाती है भागवत कथा : अरविंद भूषण

आईजी बंगला के पास हनुमान दुर्गा भैरव धाम में संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के छठवें दिन पं. अरविंद भूषण ने भागवत कथा के दसवें स्कंध कथा का वर्णन किया। अरविंद भूषण ने कहा कि दशम स्कंध श्रीकृष्ण के जीवन का सबसे विस्तृत और मधुर भाग है, जो भक्तों को भगवान के प्रति अनन्य प्रेम और समर्पण का मार्ग दिखाता है।

less than 1 minute read
Jan 06, 2026

आईजी बंगला के पास हनुमान दुर्गा भैरव धाम में संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के छठवें दिन पं. अरविंद भूषण ने भागवत कथा के दसवें स्कंध कथा का वर्णन किया। अरविंद भूषण ने कहा कि दशम स्कंध श्रीकृष्ण के जीवन का सबसे विस्तृत और मधुर भाग है, जो भक्तों को भगवान के प्रति अनन्य प्रेम और समर्पण का मार्ग दिखाता है।
मथुरा के राजा कंस को यह पता था कि मुझे मारने वाले ने गोकुल में जन्म ले लिया है, और उसने अनेकों राक्षस भेजकर भगवान कृष्ण को मारने का प्रयास करवाया, लेकिन इन सभी का वध कर भगवान ने उनका उद्धार किया। नारद जी की सलाह अनुसार कंस ने धनुष यज्ञ का आयोजन मथुरा में किया। भगवान श्रीकृष्ण एवं बलराम को बुलावा भेजा गया। जब भगवान श्रीकृष्ण एवं बलराम मथुरा आए और अपनी लीलाओं को संपन्न करते हुए कंस का वध किया। कंस वध के बाद माता देवकी व पिता वसुदेव एवं नाना उग्रसेन को कारागार से मुक्त कराया।

जरासंध से भगवान 17 बार हारे, 18वीं बार में कराया वध

आगे जरासंध के युद्ध की कथा विस्तार से समझाई गई। जरासंध से भगवान सत्रह बार युद्ध हारे। अठारहवीं बार जरासंध का वध कराया गया। मंगलवार को सुदामा चरित्र की कथा श्रवण कराई जाएगी। कथा के मुख्य यजमान प्रीति वायके नामदेव, अंजु देवेन्द्र नामदेव एवं समस्त नामदेव परिवार है। कथा में गोपाल प्रसाद शर्मा डीके तिवारी, डीके सेन, विनोद कालोरिया, केके तिवारी, संतोष कुमार तिवारी, दिनेश गुरू, जीएस हजारी, एनडी दुबे, रामू दुबे, अजय गर्ग, जेपी भटेले, राजकुमार रैकवार, अनिल रैकवार, कामता पटेल, लल्लू राम सहित अनेकों श्रद्धालु उपस्थित थे।

Published on:
06 Jan 2026 04:43 pm
Also Read
View All

अगली खबर