
बीना. रिफाइनरी के आसपास निषिद्ध और नो-डेवलपमेंट जोन (एनडीजेड) में करीब एक साल से निर्माण कार्य चल रहे हैं, लेकिन न रिफाइनरी प्रबंधन और न ही प्रशासन ने निर्माण कार्य रुकवाने के प्रयास किए। पिछले वर्ष दिसंबर माह में जब प्रशासन ने निर्माण कार्य हटाने के नोटिस दिए, तो बीपीसीएल प्रबंधन के अधिकारियों ने अनुमति देने आवेदन सौंपा था। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया था और अब फिर कार्रवाई शुरू हुई है, जिसका विरोध हो रहा है।
रिफाइनरी विस्तार के लिए करीब एक साल पहले से कंपनियों ने निर्माण कार्य शुरू किए थे और इसमें निषिद्ध क्षेत्र में रिफाइनरी के बाजू से बैचिंग प्लांट लगाए हैं। साथ ही आसपास मजदूरों के लिए सैकड़ों आवास बनाए गए हैं। एक वर्ष से यहां निर्माण कार्य चलने के बाद भी बीपीसीएल प्रबंधन, प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। शिकायतें होने के बाद दिसंबर 25 में प्रशासन ने संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने के नोटिस जारी किए थे। इसके बाद 30 दिसंबर को बीपीसीएल बीना रिफाइनरी के डीजीएम एचआर ने एसडीएम को पत्र लिखा था। पत्र में उल्लेख था कि पेट्रोकेमिकल प्लांट के कार्य को गति देने और प्रोजेक्ट को समयानुसार पूरा करने के लिए कांट्रेक्टरों को अस्थायी कैंप बनाकर कर्मचारियों को रखने की अनुमति देने और जो कैंप बन गए हैं उन्हें भी अनुमति देने की मांग की थी, जो प्रोजेक्ट खत्म होते ही हटा लिए जाएंगे। इसके बाद प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कोई कार्रवाई नहीं की थी और लगातार कॉलोनियों का निर्माण चलता रहा। सैकड़ों आवास बनने के बाद अब आवासों को हटाने की कार्रवाई हो रही है, जिसका विरोध किया जा रहा है।
एनडीजेड में बढ़ती लोगों की संख्या सुरक्षा को खतरा
पहले आवास कम थे, लेकिन लगातार आवास बनने से लोगों की संख्या बढ़ रही है, जो रिफाइनरी और लोगों की सुरक्षा को खतरा बढ़ गया है। यदि कोई घटना होती है, तो इतने लोगों को सुरक्षित करना मुश्किल हो जाएगा। इस मामले में प्रशासन कार्रवाई कर रहा है और प्रबंधन का भी सहयोग है। इससे प्रोजेक्ट का कार्य प्रभावित होगा, लेकिन सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रशासन व्यावसायिक गतिविधियां और आवासीय क्षेत्रों को सुरक्षा के लिए खतरा मान रहा है। क्योंकि यहां लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। बैचिंग प्लांटों में लोगों की संख्या ज्यादा नहीं रहती है। दिसंबर माह में आवासों की संख्या ज्यादा नहीं थी।
अजय शर्मा, एचआर, बीना रिफाइनरी