सागर

बस स्टेंड खाली महज 3 बसें ही गई टीकमगढ़

चुनाव में अधिग्रहण व बारात के लिए अनुबंध होने से कम पड़ गई बसें, परेशान हो रहे यात्री, शासकीय बस स्टेंड से दिन में एक भी नहीं बस, अन्य रुट की बस पकडऩे मजबूर हो गए यात्री, मत डालकर ही रवाना हुआ अन्य स्थलों के मतदाता।

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May 07, 2019
Bus stand empty only 3 buses go to Tikamgarh
Bus stand empty only 3 buses go to Tikamgarh

सागर. लोकसभा चुनाव के लिए बसों का अधिग्रहण हो जाने व बारात के लिए अनुबंध होने से सोमवार को संभाग के टीकमगढ़ लोकसभा क्षेत्र में जाने वाले यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। सागर से टीकमगढ़ के लिए शासकीय बस स्टेंड से दिन में कोई बस नही जाती जबकि प्रायवेट स्टेंड से विभिन्न टे्रवल्स की करीब 15 बस चलती हैं। प्रशासन द्वारा अधिगृहण करने से अब महज 2-3 बसें ही चल रही हैं, इस वजह से यात्रियों को दूसरे रुट की बस पकडऩा पड़ी। इसके अलाव देवरी, रहली व अन्य स्थलों से आए यात्रियों ने पहले वोट डाली फिर अपने गन्तव्य के लिए रवाना

टीकमगढ़ के यात्रियों का टोटा

सोमवार को दोपहर प्रायवेट बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़ तो थी, लेकिन टीकमगढ़ के यात्रियों का टोटा था, जो यात्री आ गए उन्हें या तो वापस जाना पड़ा या फिर दूसरे रुट की बसों में सवार होना पड़ा जो टीकमगढ़ के आसपास से गुजरती हैं। टीकमगढ़ रुट पर सुबह से लेकर दोपहर 12.45 तक 3 बसें रवाना हुई थीं, इसके बाद कोई बस नहीं थी। इस वजह से ओव्हर लोड बसें रवाना हुई हैं। तक यात्रियों से भरी करीब आधा दर्जन बसें निकल जाया करती थींए शनिवार की दोपहर तक वहां के लिए एक भी बस रवाना नहीं हो सकी। करीब 12.45 बजे प्रायवेट बस स्टैंड पर एक बस टीकमगढ़ के करीब बड़ागांव की बस नजर आई। जिसमें टीकमगढ़ की सवारियां भी बैठ गई थीं। लोगों का कहना था कि अन्य कोई साधन न होने के कारण मजबूरी में बड़ागांव जाने वाली बस से सफर करना पड़ा रहा है।

यात्री बोले

रहली क्षेत्र के ग्राम जूना निवासी जमुना प्रसाद जारोलिया ने बताया कि, वे रविवार को भी टीकमगढ़ जाने के लिए सागर आए थे लेकिन बस न मिलने से वापस चले गए। आज वोट डाल कर आए हैं। उन्होंने बताया कि, टीकमगढ़ के लिए सीधी बस नहीं है। बड़ा गांव होकर जाने वाली बस पकड़ी है। इसी तरह से किशन गंज निवासी अंकित साहू व देवरी के अमर सिंह ने बताया कि उन्होंने पहले मतदान किया अब जा रहे हैं।

बस ऑपरेटर बोले

बस की कमी होने के सवाल पर बस ऑपेरेटर्स का कहना था कि, कुछ बसें अधिग्रहीत हुईं तो कुछ बारातों के लिए अनुबंधित हुई है। राधा ट्रेवल्स के जगदीश पांडे का कहना था कि, मतदान भी जरुरी है और विवाह भी, बस कम होने से थोड़ी परेशानी होती है और ओव्हर लोडिंग भी मजबूरी होती है। खुशबु टे्रवल्स के छतर सिंह का कहना था, कि ज्यादा परेशानी नहीं है, यात्री भी कम आए हैं।

Updated on:
06 May 2019 10:12 pm
Published on:
07 May 2019 08:02 am