पूर्व में हुए विवादों के बाद लिया गया निर्णय, मंगाए गए बॉडी वॉर्न कैमरा, दामों को लेकर आती है किसानों की आपत्ति
बीना. कृषि उपज मंडी में डाक नीलामी के दौरान किसानों और व्यापारियों के बीच उपज के भाव को लेकर कई बार विवाद की स्थिति बन जाती है। ऐसे विवादों पर अंकुश लगाने और नीलामी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है।
भारसाधक अधिकारी व एसडीएम रवीश श्रीवास्तव ने मंडी के लिए दो बॉडी वॉर्न कैमरे मंगाए हैं। ये कैमरे डाक नीलामी कराने वाले कर्मचारी लगाएंगे, जिससे पूरी नीलामी प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग होगी। नीलामी के दौरान बोली लगाने, भाव तय होने और अन्य गतिविधियां कैमरे में कैद होंगी। गौरतलब है कि पिछले दिनों ही एक किसान की मटर की डाक पर्ची 3900 रुपए क्विंटल की थी, जबकि व्यापारी का कहना था कि 2900 रुपए क्विंटल में खरीदी की है। विवाद बढऩे पर एसडीएम तक शिकायत पहुंची थी। इस मामले में डाक पर्ची काटने में वाले कर्मचारी पर गलती करने के आरोप लगे थे। इसी तरह पिछले वर्ष में भी एक मामला सामने आया था। इन्हीं विवादों करने कैमरों की मदद ली जाएगी।
बढ़ जाएगी पादर्शिता
मंडी प्रशासन के अनुसार बॉडी वॉर्न कैमरों के उपयोग से नीलामी प्रक्रिया रिकॉर्ड होगी, इससे किसी भी प्रकार की गलतफहमी या विवाद की स्थिति में तथ्यों के आधार पर निर्णय लेना आसान होगा।
सुरक्षा गार्ड काटते हैं पीओएस मशीन से पर्ची
डाक नीलामी के दौरान अब पीओएस मशीन से पर्ची कटने लगी है और मंडी में स्थायी कर्मचारी न होने के कारण सुरक्षा गार्ड यह कार्य कर रहे हैं, जिससे गलती ज्यादा होती हैं। यदि प्रशिक्षित कर्मचारी पर्ची काटेंगे तो यह परेशानी नहीं आएगी, लेकिन मंडी प्रबंधन कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है।
क्या है बॉडी वॉर्न कैमरा
बॉडी वॉर्न कैमरा छोटा होता है और शर्ट के जेब या सामने तरफ पहन सकते हैं, जिसमें वीडियो और ऑडियो दोनों की रिकॉर्डिंग होती है। विवाद या जांच की स्थिति में साक्ष्य के रूप में इसी रिकॉर्डिंग का उपयोग किया जाता है।
जल्द आ जाएंगे कैमरे
कैमरे जल्द ही आ जाएंगे, नीलामी कार्य में लगे दो कर्मचारी यह कैमरे लगाएंगे। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य डाक नीलामी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना है।
रवीश श्रीवास्तव, एसडीएम, बीना