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टंकी बनी, पाइप लाइन बिछी, फिर भी बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हजारों लोग

रेलवे से स्वीकृति में देरी से अधूरी रह गई जलापूर्ति योजना, भीषण गर्मी में लोग भटक रहे पानी के लिए, अगली गर्मी में मिल पाएगी राहत

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A tank was built, a pipeline was laid, yet thousands of people yearned for every drop of water.

कॉलोनी में टैंकर पहुंचने पर लगी लोगों की भीड़। फोटो-पत्रिका

बीना. शहर के खिमलासा रेलवे गेट के दूसरी ओर प्रताप वार्ड, चंद्रशेखर वार्ड के कुछ हिस्सों, साईंधाम कॉलोनी, अयोध्यापुरी कॉलोनी और तहसील के आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले एक हजार से अधिक परिवार आज भी पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। अमृत योजना 2.0 के तहत पानी की टंकी और पाइप लाइन का निर्माण पूरा होने के बावजूद फिल्टर प्लांट से आने वाली मुख्य लाइन नहीं जुड़ पाने के कारण लोगों को नियमित जलापूर्ति का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
शहर के इस हिस्से में हर वर्ष गर्मी के मौसम में पानी की गंभीर समस्या खड़ी हो जाती है। इस बार भी हालात बदले नहीं हैं। नगर पालिका ने करीब एक करोड़ रुपए खर्च करके नई पाइप लाइन बिछाई गई और पानी की टंकी का निर्माण कराया गया, लेकिन रेलवे लाइन के नीचे से मुख्य पाइप लाइन डालने के लिए आवश्यक तकनीकी स्वीकृति समय पर नहीं मिल सकी। इसके चलते पूरी योजना अधूरी रह गई और लोगों को गर्मियों में राहत नहीं मिल पाई।
यहां रहने वाले अजय मिश्रा ने बताया कि वर्षों से वह पानी की समस्या झेल रहे हैं। कई बार गर्मियों में हालात इतने खराब हो जाते थे कि कुछ परिवारों को शहर के दूसरी जगहों पर जाकर किराए से रहना पड़ता था। नई योजना से लोगों को उम्मीद थी कि इस बार उन्हें राहत मिलेगी, लेकिन जलापूर्ति शुरू न होने से उनकी उम्मीदें टूट गई हैं।

टैंकरों से हो रहा पानी सप्लाई
नगर पालिका फिलहाल प्रतिदिन पांच से छह टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाने का काम कर रही है, लेकिन यह व्यवस्था लोगों की जरूरतों के सामने नाकाफी साबित हो रही है। कई परिवारों को पानी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। इस गर्मी में नियमित जलापूर्ति शुरू हो पाना संभव नहीं है। ऐसे में हजारों परिवारों को अभी कुछ समय और पानी की परेशानी झेलनी पड़ेगी।

मिल चुकी है स्वीकृति
खिमलासा रेलवे गेट का क्षेत्र जबलपुर मंडल के अधीन होने के कारण रेलवे से अनुमति लेने में समय लगा। रेलवे को निर्धारित राशि जमा कराने के बाद अब स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है और जल्द ही लाइन डालने का कार्य शुरू किया जाएगा।
जयदीप सिंह, उपयंत्री, नगर पालिका, बीना