एक माह पहले पुल पार करते समय पानी में बह गई थी गर्भवती महिला, हादसे में पति और ननद बाल-बाल बचे थे सागर. देवरी क्षेत्र के रामघाट रपटा पुल पर नागपंचमी के दिन हुए हादसे में पुलिस ने एक माह बाद लापरवाह पति पर मामला दर्ज किया है। लेकिन पुलिस व प्रशासन ने उन सरकारी […]
एक माह पहले पुल पार करते समय पानी में बह गई थी गर्भवती महिला, हादसे में पति और ननद बाल-बाल बचे थे
सागर. देवरी क्षेत्र के रामघाट रपटा पुल पर नागपंचमी के दिन हुए हादसे में पुलिस ने एक माह बाद लापरवाह पति पर मामला दर्ज किया है। लेकिन पुलिस व प्रशासन ने उन सरकारी कर्मचारियों को अभयदान दे दिया है, जिनकी जिम्मेदारी पुल पर यातायात रोकने की थी। गांव के सरपंच-सचिव से लेकर क्षेत्र के पटवारी और संबंधित थाना के प्रभारी पर प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की है। जबकि बारिश के पहले ही कलेक्टर ने निर्देश दिए थे कि उक्त कर्मचारी अपने-अपने क्षेत्र में पुल, पुलियों पर नजर रखें। बाढ़ या बारिश का पानी पुलियों के ऊपर होने पर यातायात को रोकें। सडक़ के दोनों तरफ पुलिस बेरीकेडिंग करे और पटवारी व अन्य कर्मचारी मार्ग बंद कराएं।
ज्ञात हो कि 29 जुलाई को नागपंचमी की पूजा करने देवरी निवासी दशरथ साहू अपनी पत्नी वंदना और बहन कविता के साथ रामघाट मंदिर गया था। लौटते समय तेज बारिश शुरू हो गई। इस बीच जब वह सुखचैन नदी का पुल पार कर रहा था तो रपटा पुल पर पानी था। दशरथ ने लापरवाही बरतकर बाइक पर गर्भवती पत्नी और बहन को बैठाकर पुल पार करने की कोशिश की तो पीछे बैठी पत्नी वंदना तेज बहाव में बह गई थी। जबकि दशरथ और कविता किसी तरह बच गए थे। दो दिन बाद वंदना का शव पचासिया गांव के पास झाडिय़ों में फंसा मिला था।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम कराया तो पीएम रिपोर्ट में पता चला कि वंदना पांच माह के गर्भ से थी। देवरी एसडीओपी शशिकांत सरयाम ने जांच के दौरान वंदना के मायके और ससुराल पक्ष के लोगों सहित आसपास के ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। घटनास्थल का भी बारीकी से निरीक्षण हुआ। रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि दशरथ ने बारिश और तेज बहाव को नजरअंदाज कर रपटे से बाइक ले जाने की कोशिश की जिससे यह हादसा हुआ। पुलिस ने उसके खिलाफ लापरवाही से मौत का केस दर्ज किया।